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रोहतक: जिला परिषद उपाध्यक्ष पर आज होगा फैसला, 14 में से 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर किए हस्ताक्षर
Wed, 14 Oct 2026 10:36 AM IST
Naveen
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Wed, 14 Oct 2026 10:36 AM IST
सार
सुमन ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को भी दी थी। शुरुआत में 11 जिला पार्षदों ने एकजुट होकर उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। बाद में एक पार्षद ने अपना शपथपत्र वापस ले लिया था।
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जिला परिषद के उपाध्यक्ष अनिल हुड्डा
- फोटो : संवाद
विस्तार
जिला परिषद के उपाध्यक्ष अनिल हुड्डा के पद पर आज निर्णय होगा। उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को विशेष बैठक होगी। यह बैठक जिला विकास भवन के डीआरडीए सभागार में आयोजित की जाएगी।
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बैठक में अनिल हुड्डा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला परिषद के 14 में से 10 सदस्यों ने यह अविश्वास प्रस्ताव दिया है। उन्होंने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 123 के तहत बैठक का अनुरोध किया था।
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हरियाणा पंचायती राज नियम, 1995 के नियम 10 का भी हवाला दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से डीसी सतबीर सिंह ने इस बैठक की व्यवस्था दी थी। सदस्यों ने उपाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अनिल हुड्डा के कारण परिषद के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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आवाज दबाकर मेरी छवि खराब करना चाहते हैं : अनिल हुड्डा
सुमन ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को भी दी थी। शुरुआत में 11 जिला पार्षदों ने एकजुट होकर उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। बाद में एक पार्षद ने अपना शपथपत्र वापस ले लिया था। अनिल हुड्डा ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य करोड़ों रुपये के कार्यों में मिलीभगत चाहते हैं। वे उनकी आवाज दबाकर छवि खराब करना चाहते हैं।
यह है विवाद का कारण
12 मार्च को बोर्ड बैठक में वार्ड-8 के पार्षद धीरज मलिक से अनिल हुड्डा की कहासुनी हुई थी। यह कहासुनी गाली-गलौज और धक्कामुक्की में बदल गई थी। इसके बाद से ही पार्षद उनके खिलाफ हो गए थे। वार्ड-12 की सदस्य सुमन ने अनिल हुड्डा और उनके भाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की बात कही।