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Rewari News: विश्व बंधुत्व दिवस पर आईजीयू में मानवता और चरित्र निर्माण का संदेश
Sat, 12 Sep 2026 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:10 AM IST
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अतिथियों के साथ कुलपति प्रो. असीम मिगलानी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद पीठ, छात्र कल्याण विभाग और विवेकानंद केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विश्व बंधुत्व दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन राव तुलाराम भवन के सभागार-2 में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद पीठ के प्रभारी प्रो. रविंद्र ने अतिथियों के स्वागत से की।
मुख्य वक्ता प्रांजलि ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक संबोधन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने दुनिया को एक परिवार मानते हुए भारत की सहिष्णुता और सनातन मूल्यों का संदेश दिया था।
मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मानव अस्तित्व को बचाने के लिए नई सोच जरूरी है और विश्व बंधुत्व इसका महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को जीवन और व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना चाहिए।
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कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवाओं को ज्ञानवान, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन के साथ एनएसएस और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रो. रितु बजाज, प्रो. संजय हुड्डा, प्रो. दीपक गुप्ता, डॉ. ईश्वर शर्मा, डॉ. संदीप पुरवा, डॉ. संदीप यादव, डॉ. प्रियंका, डॉ. मेघा, डॉ. अनीता और डॉ. सुनीता यादव सहित शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता प्रांजलि ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक संबोधन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने दुनिया को एक परिवार मानते हुए भारत की सहिष्णुता और सनातन मूल्यों का संदेश दिया था।
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मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मानव अस्तित्व को बचाने के लिए नई सोच जरूरी है और विश्व बंधुत्व इसका महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को जीवन और व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना चाहिए।
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कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवाओं को ज्ञानवान, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन के साथ एनएसएस और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रो. रितु बजाज, प्रो. संजय हुड्डा, प्रो. दीपक गुप्ता, डॉ. ईश्वर शर्मा, डॉ. संदीप पुरवा, डॉ. संदीप यादव, डॉ. प्रियंका, डॉ. मेघा, डॉ. अनीता और डॉ. सुनीता यादव सहित शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।