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Panipat News: राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिता में न चिकित्सक और न एंबुलेंस
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प्रतियोगिता में गिरने से घायल हुई खिलाड़ी। संवाद
अमन शर्मा
पानीपत। राज्यस्तरीय अंडर-11 स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता के पहले ही दिन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे। आर्य पीजी कॉलेज के खेल मैदान में न एंबुलेंस उपलब्ध थी और न ही चिकित्सक तैनात था। खेल में दो खिलाड़ी घायल हुए तो प्रशिक्षकों ने प्राथमिक उपचार किया। पेयजल खत्म होने पर खिलाड़ियों को बोतलें खरीदनी पड़ीं और भोजन के लिए करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
भोजन की व्यवस्था राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में की गई थी। खेल मैदान और भोजन
स्थल के बीच दूरी होने के कारण
छोटे खिलाड़ियों, खासकर महिला शिक्षकों को परेशानी हुई। उन्हें बच्चों को जीटी रोड पार कराकर भोजन स्थल तक ले जाना पड़ा।
ठहरने की व्यवस्था की जानकारी नहीं मिलने से भी हुई परेशानी : कुछ जिलों की टीमों के कोच और खिलाड़ी ठहरने की जगह तलाशते नजर आए। फरीदाबाद, नूंह, सिरसा और यमुनानगर से आए कुछ सदस्यों को ठहरने की व्यवस्था की जानकारी नहीं मिल पाई।
फरीदाबाद के एक कोच ने बताया कि जानकारी के अभाव में उन्हें खिलाड़ियों के साथ होटल में ठहरना पड़ सकता था। बाद में करनाल के एक कोच से भोजन की व्यवस्था की जानकारी मिलने पर
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उन्हें राहत मिली।
दो घंटे में खत्म हुआ पानी, खरीदनी पड़ीं बोतलें : मैदान में रखे वाटर कूलर, टंकियों और कैंपर का पानी प्रतियोगिता शुरू होने के करीब दो घंटे बाद ही खत्म हो गया। इसके बाद खिलाड़ियों को अपने पैसों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। शिक्षकों ने शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने का आरोप लगाया।
हालांकि, व्यवस्थाओं को लेकर सभी की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं रही। कैथल और चरखी दादरी सहित कई जिलों के कोच व शिक्षकों ने पानीपत की व्यवस्था की सराहना की।
उनका कहना था कि अधिकांश ठहरने और खेल स्थलों की सुविधाएं करीब 500 मीटर के दायरे में उपलब्ध कराई
गई हैं। कई टीमों के पास अपने वाहन होने से आवागमन भी आसान रहा। खेल स्थलों पर माइक से भोजन और ठहरने की जानकारी भी बार-बार दी जा रही थी।
टीमों को खेल स्थलों, ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जानकारी पहले ही भेज दी गई थी। माइक से भी बार-बार घोषणाएं की गईं। किसी खिलाड़ी को परेशानी नहीं होने दी गई।
-रविंद्र अंतिल, सहायक शिक्षा अधिकारी, पानीपत
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पानीपत। राज्यस्तरीय अंडर-11 स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता के पहले ही दिन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे। आर्य पीजी कॉलेज के खेल मैदान में न एंबुलेंस उपलब्ध थी और न ही चिकित्सक तैनात था। खेल में दो खिलाड़ी घायल हुए तो प्रशिक्षकों ने प्राथमिक उपचार किया। पेयजल खत्म होने पर खिलाड़ियों को बोतलें खरीदनी पड़ीं और भोजन के लिए करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
भोजन की व्यवस्था राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में की गई थी। खेल मैदान और भोजन
स्थल के बीच दूरी होने के कारण
छोटे खिलाड़ियों, खासकर महिला शिक्षकों को परेशानी हुई। उन्हें बच्चों को जीटी रोड पार कराकर भोजन स्थल तक ले जाना पड़ा।
ठहरने की व्यवस्था की जानकारी नहीं मिलने से भी हुई परेशानी : कुछ जिलों की टीमों के कोच और खिलाड़ी ठहरने की जगह तलाशते नजर आए। फरीदाबाद, नूंह, सिरसा और यमुनानगर से आए कुछ सदस्यों को ठहरने की व्यवस्था की जानकारी नहीं मिल पाई।
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फरीदाबाद के एक कोच ने बताया कि जानकारी के अभाव में उन्हें खिलाड़ियों के साथ होटल में ठहरना पड़ सकता था। बाद में करनाल के एक कोच से भोजन की व्यवस्था की जानकारी मिलने पर
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उन्हें राहत मिली।
दो घंटे में खत्म हुआ पानी, खरीदनी पड़ीं बोतलें : मैदान में रखे वाटर कूलर, टंकियों और कैंपर का पानी प्रतियोगिता शुरू होने के करीब दो घंटे बाद ही खत्म हो गया। इसके बाद खिलाड़ियों को अपने पैसों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। शिक्षकों ने शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने का आरोप लगाया।
हालांकि, व्यवस्थाओं को लेकर सभी की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं रही। कैथल और चरखी दादरी सहित कई जिलों के कोच व शिक्षकों ने पानीपत की व्यवस्था की सराहना की।
उनका कहना था कि अधिकांश ठहरने और खेल स्थलों की सुविधाएं करीब 500 मीटर के दायरे में उपलब्ध कराई
गई हैं। कई टीमों के पास अपने वाहन होने से आवागमन भी आसान रहा। खेल स्थलों पर माइक से भोजन और ठहरने की जानकारी भी बार-बार दी जा रही थी।
टीमों को खेल स्थलों, ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जानकारी पहले ही भेज दी गई थी। माइक से भी बार-बार घोषणाएं की गईं। किसी खिलाड़ी को परेशानी नहीं होने दी गई।
-रविंद्र अंतिल, सहायक शिक्षा अधिकारी, पानीपत