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Kurukshetra News: 9.30 एकड़ में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी से हटाए निर्माण
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कुरुक्षेत्र। अवैध कॉलोनी पर चला प्रशासन का पीला पंजा। प्रवक्ता
कुरुक्षेत्र। थानेसर के गांव दर्रा खुर्द में लगभग 9.30 एकड़ में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी में जिला प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) की टीम ने कॉलोनी में बनाए गए सड़क नेटवर्क, सीवरेज और डीपीसी के अवैध निर्माण को पीले पंजे से हटाया।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि डीटीपी नवीन कुमार की रिपोर्ट के अनुसार गांव दर्रा खुर्द में अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट, 1975 के तहत नोटिस जारी कर जरूरी अनुमति लेने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही विभाग से अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से कार्रवाई की गई।
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि सस्ते प्लॉट के लालच में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में जमीन न खरीदें और न ही निर्माण करें। प्लॉट खरीदने से पहले डीटीपी कार्यालय से कॉलोनी की वैधता की जानकारी अवश्य लें। उन्होंने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को भी रजिस्ट्री करते समय सरकार के निर्देशों का पालन करने को कहा।
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उपायुक्त के अनुसार अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के मामले में 50 हजार रुपये जुर्माने और तीन साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल हाउसिंग स्कीम और अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग स्कीम के तहत पांच एकड़ भूमि पर लाइसेंस के लिए आवेदन कर नियमानुसार अनुमति प्राप्त की जा सकती है।
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उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि डीटीपी नवीन कुमार की रिपोर्ट के अनुसार गांव दर्रा खुर्द में अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट, 1975 के तहत नोटिस जारी कर जरूरी अनुमति लेने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही विभाग से अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से कार्रवाई की गई।
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उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि सस्ते प्लॉट के लालच में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में जमीन न खरीदें और न ही निर्माण करें। प्लॉट खरीदने से पहले डीटीपी कार्यालय से कॉलोनी की वैधता की जानकारी अवश्य लें। उन्होंने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को भी रजिस्ट्री करते समय सरकार के निर्देशों का पालन करने को कहा।
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उपायुक्त के अनुसार अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के मामले में 50 हजार रुपये जुर्माने और तीन साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल हाउसिंग स्कीम और अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग स्कीम के तहत पांच एकड़ भूमि पर लाइसेंस के लिए आवेदन कर नियमानुसार अनुमति प्राप्त की जा सकती है।