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Charkhi Dadri News: अध्यापिका पूनम को मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार
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अध्यापिका पूनम राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करते हुए।
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चरखी दादरी। गांव डोहकी निवासी एवं राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल सांवड में कार्यरत जेबीटी अध्यापिका पूनम को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित राजकीय राज्य स्तरीय समारोह के दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
अध्यापिका पूनम ने अपने शिक्षण कार्य के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और प्रतिभा को निखारने पर विशेष ध्यान दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को विद्यालय, खंड, जिला एवं राज्य स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, कला, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय प्रतिभागिता के अवसर प्रदान किए गए। उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों एवं परिवारों तक आवश्यक सहयोग पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने, विद्यालय सुंदरीकरण, पौधरोपण, स्वच्छ एवं आकर्षक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
शिक्षण में नवाचार एवं गतिविधि आधारित विधियों को अपनाते हुए छात्रों को सीखने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए गए। विभागीय कार्यक्रमों एवं विभिन्न शैक्षणिक अभियानों में सक्रिय सहभागिता के साथ उन्होंने टीएलएम, प्रिंट रिच वातावरण, कला एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण को रुचिकर बनाने का प्रयास किया।
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अध्यापिका पूनम ने अपने शिक्षण कार्य के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और प्रतिभा को निखारने पर विशेष ध्यान दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को विद्यालय, खंड, जिला एवं राज्य स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, कला, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय प्रतिभागिता के अवसर प्रदान किए गए। उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों एवं परिवारों तक आवश्यक सहयोग पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने, विद्यालय सुंदरीकरण, पौधरोपण, स्वच्छ एवं आकर्षक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
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शिक्षण में नवाचार एवं गतिविधि आधारित विधियों को अपनाते हुए छात्रों को सीखने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए गए। विभागीय कार्यक्रमों एवं विभिन्न शैक्षणिक अभियानों में सक्रिय सहभागिता के साथ उन्होंने टीएलएम, प्रिंट रिच वातावरण, कला एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण को रुचिकर बनाने का प्रयास किया।
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