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Hindi News ›   Entertainment ›   The Supreme Court appoints mediator to resolve cheque dishonour dispute involving Rajpal Yadav

राजपाल यादव: दोनों पक्षों की आपसी बातचीत से सुलझेगा चेक बाउंस केस, सुप्रीम कोर्ट ने किसे नियुक्त किया मध्यस्थ?

Wed, 21 Oct 2026 05:42 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Wed, 21 Oct 2026 05:42 PM IST
सार

Rajpal Yadav cheque dishonour disput: अभिनेता राजपाल यादव का चेक बाउंस विवाद सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थ नियुक्त किया है। दोनों पक्षों की आपसी बातचीत से यह मामला सुलझ सकता है।

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The Supreme Court appoints mediator to resolve cheque dishonour dispute involving Rajpal Yadav
राजपाल यादव - फोटो : इंस्स्टाग्राम@rajpalofficial

विस्तार

अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों चेक बाउंस से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। इसमें नया अपडेट सामने आया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस होने के विवाद को सुलझाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को मध्यस्थ नियुक्त किया है।

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साल 2010 में शुरू हुआ विवाद
अभिनेता से जुड़ा यह कानूनी विवाद साल 2010 के एक फाइनेंशियल एग्रीमेंट से शुरू हुआ है, जिसमें राजपाल यादव को अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'अता पता लापता' को फाइनेंस करने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये मिले थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 2013 में अभिनेता ने फिल्म के लिए उन्हें 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद के सेटलमेंट के लिए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए थे। फर्म ने आरोप लगाया कि चेक बाउंस हो गए।

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11 करोड़ रुपये चुकाने को सहमत हुए थे राजपाल
शिकायतकर्ता के अनुसार, 2012 में पार्टियों के बीच एक एग्रीमेंट में कहा गया था कि राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी ब्याज सहित लगभग 11 करोड़ रुपये चुकाने के लिए सहमत हुए थे। मामले की सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक्टर ने रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा किए हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, 'पार्टियों की तरफ से उठाए गए छोटे मुद्दों की वजह से, हमें लगता है कि इस मामले को मीडिएशन के जरिए आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है'। बेंच ने अपने 15 अक्तूबर के ऑर्डर में कहा, 'मुद्दों की मुश्किलों को देखते हुए हम दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को पार्टियों के बीच झगड़े को सुलझाने के लिए एकमात्र मध्यस्थ अपॉइंट करते हैं'।

क्या विदेश यात्रा कर पाएंगे राजपाल यादव
दोनों पक्षों को मध्यस्थ से संपर्क करने और पेश होने की तारीख तय करने का निर्देश दिया गया है। बेंच ने कहा कि मीडिएटर पार्टियों को खुद या ऑनलाइन पेश होने के लिए कहने के लिए आजाद होंगे। कोर्ट ने कहा, 'मीडिएटर पार्टियों से सलाह करके अपनी फीस खुद तय करेगा'। टॉप कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करने का भी निर्देश दिया, ताकि वह अपने प्रोफेशनल काम जारी रख सके। यह ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाए गए नियमों और शर्तों के अधीन होगा। कोर्ट ने कहा कि अभिनेता उन नियमों और शर्तों का पालन करने के बाद ही विदेश यात्रा करेंगे और लौटने पर ट्रायल कोर्ट को सूचित करेंगे। बेंच ने कहा, 'मीडिएशन रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद मामले को पोस्ट करें'।

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