युवा कार्यक्रम: भारत के एनसीसी कैडेट्स पहुंचे सिंगापुर, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में दिखाएंगे देश की संस्कृति
भारत के एनसीसी कैडेट्स ने सिंगापुर में एक सप्ताह के यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के युवाओं के बीच आपसी समझ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है
विस्तार
भारत के नेशनल कैडेट कोर (NCC) के कैडेट्स के एक दल ने एक हफ्ते के यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के दौरान सिंगापुर के मल्टी-कल्चरल समाज, राष्ट्रीय विकास और अपने देश के साथ उसके डिप्लोमैटिक संबंधों को करीब से जाना।
दो अधिकारियों और 10 कैडेट्स वाली इस टीम ने 'यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (YEP) 2026' के तहत 30 अगस्त से 5 सितंबर तक सिंगापुर का दौरा किया। इस प्रोग्राम का मकसद युवाओं के बीच इंटरनेशनल समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, दोस्ती और लीडरशिप को बढ़ावा देना था।
सिंगापुर की संस्कृति और इतिहास से रूबरू हुए NCC कैडेट्स
शुक्रवार को प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक अखबार ‘तबला!’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में भारत, सिंगापुर, ब्रुनेई और हांगकांग के लोग शामिल हुए। इससे कैडेट्स को दूसरे देशों के युवाओं से बातचीत करने और उनकी संस्कृति, रहन-सहन और सामाजिक सोच को समझने का मौका मिला।
इस दौरे में राष्ट्रीय शिक्षा, संस्कृति को करीब से जानना, एडवेंचर और अनुभव से सीखना शामिल था। सिंगापुर डिस्कवरी सेंटर में कैडेट्स ने शहर-देश (सिटी-स्टेट) के इतिहास, राष्ट्रीय पहचान, विकास और भविष्य की उम्मीदों के बारे में जाना। रैफल्स प्लेस और मरीना बे के दौरे से उन्हें सिंगापुर के एक आधुनिक शहर-देश में बदलने की प्रक्रिया को करीब से देखने का मौका मिला।
कैडेट्स ने मलय मूल के कैम्पोंग ग्लैम, बुगिस स्ट्रीट, चाइनाटाउन, लिटिल इंडिया और होटल व टूरिस्ट बेल्ट 'ऑर्चर्ड रोड' जैसी ऐतिहासिक और खास जगहों को भी देखा। उन्होंने सिंगापुर की मल्टी-कल्चरल पहचान और शहर में अलग-अलग समुदायों के मिल-जुलकर रहने के तरीके को खुद अनुभव किया।
सिंगापुर की बहुसांस्कृतिक पहचान से रूबरू हुए NCC कैडेट्स
इस दौरे में राष्ट्रीय शिक्षा, संस्कृति को करीब से जानना, एडवेंचर और अनुभव से सीखना शामिल था। सिंगापुर डिस्कवरी सेंटर में कैडेट्स ने शहर-देश (सिटी-स्टेट) के इतिहास, राष्ट्रीय पहचान, विकास और भविष्य की उम्मीदों के बारे में जाना। रैफल्स प्लेस और मरीना बे के दौरे से उन्हें सिंगापुर के एक आधुनिक शहर-देश में बदलने की प्रक्रिया को करीब से देखने का मौका मिला।
कैडेट्स ने मलय मूल के कैम्पोंग ग्लैम, बुगिस स्ट्रीट, चाइनाटाउन, लिटिल इंडिया और होटल व टूरिस्ट बेल्ट 'ऑर्चर्ड रोड' जैसी ऐतिहासिक और खास जगहों को भी देखा। उन्होंने सिंगापुर की मल्टी-कल्चरल पहचान और शहर में अलग-अलग समुदायों के मिल-जुलकर रहने के तरीके को खुद अनुभव किया।
भारतीय उच्चायोग में कैडेट्स ने क्या जाना?
- इस दौरे में कैडेट्स को शिक्षा, संस्कृति, एडवेंचर और नए अनुभवों से सीखने का मौका मिला।
- सिंगापुर डिस्कवरी सेंटर में उन्होंने सिंगापुर के इतिहास, राष्ट्रीय पहचान, विकास और भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना।
- रैफल्स प्लेस और मरीना बे का दौरा कर कैडेट्स ने सिंगापुर के आधुनिक शहर-देश बनने की प्रक्रिया को समझा।
- कैडेट्स ने कैम्पोंग ग्लैम, बुगिस स्ट्रीट, चाइनाटाउन, लिटिल इंडिया और ऑर्चर्ड रोड जैसी प्रमुख जगहों का दौरा किया।
- इन जगहों पर उन्होंने सिंगापुर की अलग-अलग संस्कृतियों और समुदायों के साथ मिल-जुलकर रहने के तरीके को करीब से देखा।
- सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग में कैडेट्स ने डिप्लोमैटिक मिशन के कामकाज के बारे में जानकारी ली।
- उन्हें विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए उच्चायोग की जिम्मेदारियों और भारत-सिंगापुर संबंधों के बारे में बताया गया।
- कैडेट्स ने यह भी समझा कि विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व किस तरह किया जाता है।
- कार्यक्रम से चारों देशों के युवाओं के बीच दोस्ती और आपसी समझ बढ़ी।
- इस एक्सचेंज प्रोग्राम से कैडेट्स को संस्कृति और घूमने के साथ कई नई चीजें सीखने का मौका मिला।
- NCC का दल 5 सितंबर को भारत लौट आया।
कमेंट
कमेंट X