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जेएनयू के हॉस्टलों के बदतर हालात: छात्र डाइनिंग हॉल में रहने को मजबूर, जर्जर इमारतें और खराब व्यवस्था बनी खतरा

Tue, 22 Sep 2026 08:59 AM IST
Vijay Singh Pundir ललित कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली
ललित कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Tue, 22 Sep 2026 08:59 AM IST
सार

एक छात्र ने हॉस्टल की व्यवस्था पर हैरानी जताई कहा कि जहां रहने की पर्याप्त जगह नहीं है। कमरों में तीन-तीन छात्र फर्श पर गद्दे बिछाकर रहते हैं। गलियारों में कपड़े सूखते हैं और कूड़ेदान भरे पड़े हैं।

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Students forced to live in dining hall in Delhi's JNU
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, JNU - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र माही-मांडवी और ताप्ती जैसे हॉस्टलों में बदतर हालात में रहने को मजबूर हैं। यहां डाइनिंग हॉल को डॉरमेट्री में बदल दिया गया है, जिससे छात्रों को रहने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। खुले बिजली के बॉक्स और जर्जर इमारतें छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

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इसको लेकर पड़ताल पर आधारित एक रिपोर्टः माही-मांडवी हॉस्टल में डाइनिंग हॉल को डॉरमेट्री बनाया गया है। यहां फोल्डिंग बेड बिछे हैं और किचन के हिस्से में भी बिस्तर लगे हैं। छात्रों ने मच्छरदानी लगाई है और कपड़े सुखाने के लिए तार बांधे हैं। वाटर कूलर खराब है और रोशनी के लिए ट्यूबलाइट गायब हैं।
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एक छात्र ने हॉस्टल की व्यवस्था पर हैरानी जताई कहा कि जहां रहने की पर्याप्त जगह नहीं है। कमरों में तीन-तीन छात्र फर्श पर गद्दे बिछाकर रहते हैं। गलियारों में कपड़े सूखते हैं और कूड़ेदान भरे पड़े हैं।
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ताप्ती हॉस्टल में खुले बिजली के बॉक्स सुरक्षा के लिए खतरा हैं, और गलियारे में दरवाजे का शीशा टूटा है। कुछ दिन पहले ताप्ती हॉस्टल के एक कमरे में पंखा गिरने की घटना भी सामने आई थी। हॉस्टलों की दीवारों से प्लास्टर झड़ रहा है और लोहे के सरिये दिख रही हैं।

हॉस्टल के नाम        क्षमता
ब्रह्मपुत्रा(बॉयज)     386
चंद्रभागा(बॉयज एंड गर्ल्स)    204
गंगा(गर्ल्स)     342
गोदावरी(गर्ल्स)     344
झेलम(बॉयज)     307
कावेरी(बॉयज)     343
कोयना(गर्ल्स)     544
लोहित(बॉयज एंड गर्ल्स)    303
माही/मांडवी(बॉयज)     349
नर्मदा(बॉयज)     208
पेरियार(बॉयज)     359
साबरमती (बॉयज एंड गर्ल्स)    263
शिप्रा(गर्ल्स)     544
सतलुज(बॉयज)     341
ताप्ती(बॉयज एंड गर्ल्स)    386
यमुना(वर्किंग वूमेन)    191
बराक    446
महानदी(मेरिड स्टूडेंट)    86

छात्र संघ की सुरक्षा ऑडिट की मांग
जेएनयू छात्र संघ ने सभी हॉस्टलों के व्यापक सुरक्षा ऑडिट की मांग की है। छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने बताया कि छात्रों को हर सेमेस्टर में 1500-1600 रुपये हॉस्टल शुल्क देना पड़ता है। इसके अलावा, मेस का मासिक बिल 3500-4000 रुपये आता है। कुछ कमरों को खतरनाक होने के कारण बंद कर दिया गया है।  इस संबंध में, डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. सुधीर प्रताप सिंह ने छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने का आश्वासन दिया है। 

पदाधिकारियों ने लिया छात्रों के लिए संघर्ष का संकल्प
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने छात्रों के मुद्दों पर सक्रियता दिखाई और संघर्ष का संकल्प लिया।  एबीवीपी के नेतृत्व में डूसू पदाधिकारी सत्य निकेतन स्थित सत्य स्क्वायर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने पूरे शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों के अधिकारों, सुरक्षा और आवास से जुड़ी समस्याओं के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। डूसू पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी समस्याओं को प्रशासन से लेकर सरकार तक उठाया जाएगा। डूसू अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि यह दौरा छात्रों के बीच लिए गए संकल्प का हिस्सा है। डूसू मनमाने किराए, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर सक्रिय रहेगा। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि  जीत विद्यार्थियों के प्रति जवाबदेही की शुरुआत है। 

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