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परिवहन: दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर का रास्ता साफ, एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
Sat, 31 Oct 2026 01:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:31 AM IST
सार
इस संबंध में टाटा पावर-डीडीएल ने नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
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नमो भारत ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली से पानीपत और करनाल के बीच प्रस्तावित नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए बिजली की लाइनों और उपकरणों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में टाटा पावर-डीडीएल ने नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत कॉरिडोर के रास्ते में आने वाले बिजली नेटवर्क की शिफ्टिंग और दोबारा स्थापना की जाएगी। काम शुरू होने के करीब एक साल के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
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प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई करीब 136.3 किलोमीटर होगी। इस पर कुल 21 स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें छह दिल्ली और 15 हरियाणा में होंगे। इसमें 124.82 किलोमीटर एलिवेटेड और 11.48 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक शामिल है। निर्माण के रास्ते में 765, 400, 132 और 66 केवी की 38 अतिरिक्त उच्च वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनें आ रही हैं। इनके अलावा 33 केवी, 11 केवी और 415 वोल्ट की बिजली लाइनें तथा ट्रांसफॉर्मर जैसे उपकरण भी स्थानांतरित किए जाएंगे।
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बिजली आपूर्ति की सुरक्षा पर जोर
एमओयू के तहत टाटा पावर-डीडीएल नेटवर्क की शिफ्टिंग के लिए जरूरी निगरानी और ईएचवी, हाई टेंशन (एचटी) व लो टेंशन (एलटी) नेटवर्क से संबंधित मंजूरियां उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इस दौरान बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता, सुरक्षा और वैधानिक मानकों का ध्यान रखा जाएगा। संबंधित नेटवर्क का प्रबंधन बीएसईएस, टाटा पावर-डीडीएल, यूएचबीवीएनएल, एचवीपीएनएल, पावर ग्रिड और अन्य एजेंसियां करती हैं।
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परियोजना की निगरानी पीएमजी पोर्टल के माध्यम से
परियोजना की निगरानी केंद्र सरकार के पीएमजी पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। कॉरिडोर शुरू होने पर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा और औसत परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है। ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी पांच से दस मिनट रहने की योजना है। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच तेज और सुविधाजनक क्षेत्रीय परिवहन उपलब्ध हो सकेगा।