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ग्रेनो: जीबीयू के छात्र को सरकार विरोधी भड़काऊ बातें फैलाने के आरोप में जारी हुआ नोटिस, विवाद के बाद हुआ वापस

Tue, 08 Sep 2026 10:51 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Tue, 08 Sep 2026 10:51 AM IST
सार

छात्र को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में छात्रों को सरकार के खिलाफ भड़काने और भ्रामक बातें फैलाने के आरोप में कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट की अदालत ने एक छात्र को शांति भंग की आशंका में नोटिस जारी किया था। 

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Notice issued to Gautam Buddha University student withdrawn
अक्षत त्रिपाठी, छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने गए गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र को जारी हुआ नोटिस पुलिस ने सोशल मीडिया पर उठे विवाद के बाद वापस ले लिया है। 

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छात्र को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में छात्रों को सरकार के खिलाफ भड़काने और भ्रामक बातें फैलाने के आरोप में कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट की अदालत ने एक छात्र को शांति भंग की आशंका में नोटिस जारी किया था। यह मामला ईकोटेक-1 में दर्ज वाद से जुड़ा है। जिसमें सरकार बनाम अक्षत त्रिपाठी पुत्र विनोद कुमार त्रिपाठी को विपक्षी बनाया गया था।
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पुलिस रिपोर्ट के अनुसार अक्षत त्रिपाठी जो मूल रूप से थाना झूंसी जिला इलाहाबाद के शिव विहार हवेलिया का निवासी है। वह वर्तमान में गौतमबुद्धनगर स्थित विश्वविद्यालय में थाना ईको-प्रथम क्षेत्र में रहते हैं। आरोप है कि वह किसी राजनीतिक दल द्वारा प्रस्तावित धरने में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों को उकसा रहा था और उनके बीच सरकार विरोधी भ्रामक बातें फैला रहा था। इस मामले की शिकायत थाना ईको-प्रथम में तैनात उप निरीक्षक शिवा पांडेय ने अपनी आख्या के माध्यम से दर्ज कराई थी। जिसे प्रभारी निरीक्षक थाना ईकोटेक-1 गौतमबुद्धनगर द्वारा आगे अग्रसारित किया गया।
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रिपोर्ट में कहा गया था कि छात्र की गतिविधियों के चलते विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और आशंका जताई गई है कि कभी भी लड़ाई-झगड़ा होकर शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। पुलिस की इस आख्या से संतुष्ट होकर मजिस्ट्रेट ने माना कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विपक्षी द्वारा शांति भंग किए जाने की प्रबल संभावना है। जिसके चलते धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत कार्यवाही प्रारंभ करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।


इसके बाद अदालत ने 4 सितंबर को  धारा-130 बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस जारी करते हुए छात्र को निर्देश दिया था कि वह कारण स्पष्ट करे कि क्यों न उससे छह माह तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये के निजी बंध पत्र के साथ-साथ समान धनराशि की दो प्रतिभूतियां जो स्थानीय संपन्न एवं सक्षम व्यक्तियों द्वारा निष्पादित हों प्रस्तुत करने के लिए पाबंद किया जाए। अदालत ने इस मामले में सुनवाई की तिथि 5 सितंबर 2026 नियत की थी। हालांकि अब पुलिस का कहना है कि जानकारी होने के बाद छात्र को जारी हुए नोटिस उसी दिन वापस ले लिया गया था। इस संबंध में छात्र को भी अवगत करा दिया गया था।

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