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Dehradun News: दून अस्पताल पर फिर बच्चा बदलने का आरोप, घंटों चला हंगामा
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देहरादून। दून अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक प्रसूता के परिजनों ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बैठाई है। महिला एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष से भी इस मामले में जवाब मांगा गया है।
जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार दोपहर बाद करीब चार बजे की है। उत्तरकाशी के मोरी निवासी सनीता राणा ने एक नवजात को जन्म दिया। जन्म के बाद किसी स्वास्थ्यकर्मी ने प्रसूता के प्रति यशपाल राणा से बेटा होने की बात कही। आरोप है कि जब यशपाल को डॉक्टरों ने अंदर बुलाया तो बेटी होने की बात बताई। इस पर यशपाल ने डॉक्टरों के दावे का विरोध किया और कहा कि बाहर एक स्वास्थ्यकर्मी की ओर से उन्हें बेटा होने की बात कही गई थी। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। प्रसूता के पति यशपाल राणा का कहना है कि पेट में दर्द होने पर वह अपनी पत्नी को पहले मोरी ने स्थानीय अस्पताल में लेकर गए थे। लेकिन वहां उन्होंने बच्चे के उल्टा होने की बात कहकर रेफर कर दिया। घंटो तक यात्रा करने के बाद वह देहरादून पहुंचे थे। आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उनका बच्चा बदल दिया।
अगस्त में भी लगे थे आरोप
करीब दो महीने पहले अगस्त में प्रेमनगर निवासी सुमित ने पत्नी नीरज की डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस में भी शिकायत की गई थी। आरोप था कि पर्चे में बेबी बॉय दर्ज था जबकि स्वास्थ्यकर्मियों ने बेटी होने की जानकारी दी। इस मामले में स्वास्थ्यमंत्री सुबोध उनियाल ने दखल देते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए थे। अब तक इस मामले में रिपोर्ट नहीं आई है। इसी बीच इस तरह की दूसरी घटना सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर कई सवाल उठ रहे हैं।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा परिजनों को गफलत हुई
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि परिजनों को इस मामले में गफलत हुई है। दस्तावेज में बेटी ही दर्ज की गई है। शुरूआती जानकारी में किसी स्वास्थ्यकर्मी की ओर से बधाई लेने के लिए परिजनों को बेटे की जानकारी दी गई। प्रबंधन ने इसे बेहद शर्मनाक बताया है।
एजेंसी की कर्मचारी बताई जा रही है गलत जानकारी देने वाली महिला
जानकारी के अनुसार परिजनों को बेटा होने की जानकारी महिला रेडियोलाॅजी की जांच करने वाली एजेंसी की कर्मचारी बताई जा रही है। शुरुआती जांच के आधार पर संबंधित एजेंसी को नोटिस देकर कर्मचारी पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। उधर परिजनों से भी वार्ता की गई है।
मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। संबंधित विभाग के एचओडी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। जल्द ही जांच पूरी कर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल
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जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार दोपहर बाद करीब चार बजे की है। उत्तरकाशी के मोरी निवासी सनीता राणा ने एक नवजात को जन्म दिया। जन्म के बाद किसी स्वास्थ्यकर्मी ने प्रसूता के प्रति यशपाल राणा से बेटा होने की बात कही। आरोप है कि जब यशपाल को डॉक्टरों ने अंदर बुलाया तो बेटी होने की बात बताई। इस पर यशपाल ने डॉक्टरों के दावे का विरोध किया और कहा कि बाहर एक स्वास्थ्यकर्मी की ओर से उन्हें बेटा होने की बात कही गई थी। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। प्रसूता के पति यशपाल राणा का कहना है कि पेट में दर्द होने पर वह अपनी पत्नी को पहले मोरी ने स्थानीय अस्पताल में लेकर गए थे। लेकिन वहां उन्होंने बच्चे के उल्टा होने की बात कहकर रेफर कर दिया। घंटो तक यात्रा करने के बाद वह देहरादून पहुंचे थे। आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उनका बच्चा बदल दिया।
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अगस्त में भी लगे थे आरोप
करीब दो महीने पहले अगस्त में प्रेमनगर निवासी सुमित ने पत्नी नीरज की डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस में भी शिकायत की गई थी। आरोप था कि पर्चे में बेबी बॉय दर्ज था जबकि स्वास्थ्यकर्मियों ने बेटी होने की जानकारी दी। इस मामले में स्वास्थ्यमंत्री सुबोध उनियाल ने दखल देते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए थे। अब तक इस मामले में रिपोर्ट नहीं आई है। इसी बीच इस तरह की दूसरी घटना सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर कई सवाल उठ रहे हैं।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा परिजनों को गफलत हुई
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि परिजनों को इस मामले में गफलत हुई है। दस्तावेज में बेटी ही दर्ज की गई है। शुरूआती जानकारी में किसी स्वास्थ्यकर्मी की ओर से बधाई लेने के लिए परिजनों को बेटे की जानकारी दी गई। प्रबंधन ने इसे बेहद शर्मनाक बताया है।
एजेंसी की कर्मचारी बताई जा रही है गलत जानकारी देने वाली महिला
जानकारी के अनुसार परिजनों को बेटा होने की जानकारी महिला रेडियोलाॅजी की जांच करने वाली एजेंसी की कर्मचारी बताई जा रही है। शुरुआती जांच के आधार पर संबंधित एजेंसी को नोटिस देकर कर्मचारी पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। उधर परिजनों से भी वार्ता की गई है।
मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। संबंधित विभाग के एचओडी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। जल्द ही जांच पूरी कर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल