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जापान के खिलाफ बाल-बाल बचा भारत: आखिरी ओवर में अंपायर के वाइड के फैसले को बदलने पर विवाद; क्या कहते हैं नियम?
Tue, 22 Sep 2026 03:10 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, निशिन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, निशिन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 22 Sep 2026 03:10 PM IST
सार
बारिश से प्रभावित पांच ओवर के मुकाबले में भारत ने जापान को दो रन से हराया, लेकिन आखिरी ओवर में वाइड का फैसला पलटने पर विवाद खड़ा हो गया। जापान को चार गेंदों में छह रन चाहिए थे, तभी अंपायर ने वाइड दी, जिसे दोनों अंपायरों की बातचीत के बाद पलट दिया गया। जानें पूरा घटनाक्रम और नियम क्या कहते हैं।
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वाइड के फैसले को अंपायर ने पलट दिया
- फोटो : Twitter
विस्तार
भारत ने जापान को बारिश से प्रभावित पांच ओवर के मुकाबले में दो रन से हराकर मैच तो अपने नाम कर लिया, लेकिन आखिरी ओवर में वाइड के फैसले को पलटने का मामला चर्चा में आ गया। जापान को जीत के लिए आखिरी चार गेंदों में छह रन चाहिए थे और इसी दौरान अंपायर के एक फैसले को बदल दिया गया। इसके बाद भारत ने मुकाबला दो रन से जीत लिया।
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भारतीय टीम
- फोटो : Twitter
आखिरी ओवर में क्या हुआ?
सानो में जापान को जीत के लिए 33 रन का लक्ष्य मिला था। भारतीय टीम ने पांच ओवर में 32/4 का स्कोर बनाया था। जवाब में जापान की टीम ने चार ओवर के बाद 27/3 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए आखिरी छह गेंदों में छह रन चाहिए थे। कप्तान शिराय-पैडमोर के आउट होने के बाद जापान की उम्मीदें कमजोर हुईं, लेकिन आखिरी ओवर में मुकाबला फिर भी रोमांचक बना रहा। अक्षर पटेल गेंदबाजी करने आए। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज अलेक्जेंडर शिराय-पैडमोर के खिलाफ राउंड द विकेट से गेंदबाजी कर रहे थे। गेंद लेग स्टंप की लाइन पर पड़ी। बल्लेबाज ने खाली ऑफ साइड की ओर स्विच हिट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद से संपर्क नहीं कर सके। मैदानी अंपायर क्रिस थर्गेट ने इसे वाइड करार दिया।
सानो में जापान को जीत के लिए 33 रन का लक्ष्य मिला था। भारतीय टीम ने पांच ओवर में 32/4 का स्कोर बनाया था। जवाब में जापान की टीम ने चार ओवर के बाद 27/3 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए आखिरी छह गेंदों में छह रन चाहिए थे। कप्तान शिराय-पैडमोर के आउट होने के बाद जापान की उम्मीदें कमजोर हुईं, लेकिन आखिरी ओवर में मुकाबला फिर भी रोमांचक बना रहा। अक्षर पटेल गेंदबाजी करने आए। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज अलेक्जेंडर शिराय-पैडमोर के खिलाफ राउंड द विकेट से गेंदबाजी कर रहे थे। गेंद लेग स्टंप की लाइन पर पड़ी। बल्लेबाज ने खाली ऑफ साइड की ओर स्विच हिट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद से संपर्क नहीं कर सके। मैदानी अंपायर क्रिस थर्गेट ने इसे वाइड करार दिया।
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अक्षर और सैमसन ने जताई नाराजगी
वाइड का फैसला भारतीय टीम को पसंद नहीं आया। अक्षर पटेल और विकेटकीपर संजू सैमसन ने फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन के पास गए और उनसे बातचीत की। दोनों अंपायरों ने आपस में चर्चा की। इसके बाद थर्गेट ने अपना वाइड का फैसला पलट दिया और गेंद को वाइड नहीं माना गया। यह फैसला मैच के लिहाज से बेहद अहम साबित हुआ, क्योंकि जापान अंत में 30/3 तक ही पहुंच सका और भारत ने मुकाबला दो रन से जीत लिया।
वाइड का फैसला भारतीय टीम को पसंद नहीं आया। अक्षर पटेल और विकेटकीपर संजू सैमसन ने फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन के पास गए और उनसे बातचीत की। दोनों अंपायरों ने आपस में चर्चा की। इसके बाद थर्गेट ने अपना वाइड का फैसला पलट दिया और गेंद को वाइड नहीं माना गया। यह फैसला मैच के लिहाज से बेहद अहम साबित हुआ, क्योंकि जापान अंत में 30/3 तक ही पहुंच सका और भारत ने मुकाबला दो रन से जीत लिया।
— Ben Gardner (@Ben_Wisden) September 22, 2026
क्या अंपायर अपना फैसला बदल सकता है?
यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है। क्रिकेट के कानून 2.12 के अनुसार अंपायर अपना फैसला बदल सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। नियम के मुताबिक, अंपायर अपना फैसला तभी बदल सकता है जब बदलाव तुरंत किया जाए और वह डेड बॉल से जुड़े कानून के विपरीत न हो। इसके बाद फैसला अंतिम माना जाता है। इसलिए सिर्फ फैसला बदले जाने के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि अंपायर ने नियम तोड़ा। हालांकि, इस घटनाक्रम में एक दूसरा पहलू भी चर्चा में है।
यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है। क्रिकेट के कानून 2.12 के अनुसार अंपायर अपना फैसला बदल सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। नियम के मुताबिक, अंपायर अपना फैसला तभी बदल सकता है जब बदलाव तुरंत किया जाए और वह डेड बॉल से जुड़े कानून के विपरीत न हो। इसके बाद फैसला अंतिम माना जाता है। इसलिए सिर्फ फैसला बदले जाने के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि अंपायर ने नियम तोड़ा। हालांकि, इस घटनाक्रम में एक दूसरा पहलू भी चर्चा में है।
भारतीय टीम
- फोटो : Twitter
खिलाड़ियों के व्यवहार पर भी उठ सकता है सवाल
आईसीसी की खेल परिस्थितियों के अनुच्छेद 2.8 में अंपायर के फैसले पर खिलाड़ियों के व्यवहार से जुड़े प्रावधान हैं। इसमें अंपायर के फैसले पर अत्यधिक और स्पष्ट निराशा जताने या उसके फैसले को लेकर अंपायर से बहस या लंबी चर्चा करने जैसी स्थितियां शामिल हैं। भारत के खिलाड़ियों ने फैसले पर अपनी नाराजगी जताई और कप्तान अय्यर ने अंपायर से बातचीत भी की। ऐसे में यह देखा जाना बाकी है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी खिलाड़ी ने खेल परिस्थितियों में तय सीमा का उल्लंघन किया या नहीं। हालांकि, उपलब्ध घटनाक्रम में यह स्पष्ट नहीं है कि किसी भारतीय खिलाड़ी पर इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है।
आईसीसी की खेल परिस्थितियों के अनुच्छेद 2.8 में अंपायर के फैसले पर खिलाड़ियों के व्यवहार से जुड़े प्रावधान हैं। इसमें अंपायर के फैसले पर अत्यधिक और स्पष्ट निराशा जताने या उसके फैसले को लेकर अंपायर से बहस या लंबी चर्चा करने जैसी स्थितियां शामिल हैं। भारत के खिलाड़ियों ने फैसले पर अपनी नाराजगी जताई और कप्तान अय्यर ने अंपायर से बातचीत भी की। ऐसे में यह देखा जाना बाकी है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी खिलाड़ी ने खेल परिस्थितियों में तय सीमा का उल्लंघन किया या नहीं। हालांकि, उपलब्ध घटनाक्रम में यह स्पष्ट नहीं है कि किसी भारतीय खिलाड़ी पर इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है।
भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
बल्लेबाजों ने किया निराश, गेंदबाजों ने बचाई लाज
इससे पहले भारत ने पांच ओवर के मुकाबले में सिर्फ 32/4 रन बनाए थे। लंबे इंतजार और कई निरीक्षणों के बाद मैच को पांच-पांच ओवर का करने का फैसला हुआ था। श्रेयस अय्यर ने 12 गेंदों पर नाबाद 16 रन बनाए, लेकिन बाकी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। अभिषेक शर्मा पहली ही गेंद पर आउट हो गए। उन्हें जापान के बाएं हाथ के स्पिनर चार्ली हारा-हिन्जे ने आउट किया। यही गेंदबाज 2024 में वैभव सूर्यवंशी को भी आउट कर चुके हैं। अभिषेक के लिए यह खास तौर पर निराशाजनक रहा, क्योंकि कुछ ही दिन पहले उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था।
जापान ने आखिरी तक दी टक्कर
भारत ने भी गेंदबाजी में स्पिन का सहारा लिया। जापान दो ओवर के बाद 8/2 पर था और ऐसा लग रहा था कि उसके लिए लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल होगा। लेकिन रवि बिश्नोई के एक ओवर में 10 रन आने से जापान मुकाबले में वापस आ गया। कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने 12 गेंदों पर 12 रन बनाए। जब जापान टीम को जीत के लिए नौ रन की जरूरत थी, तब वह आउट हो गए। आखिरी ओवर में जापान को आठ रन की जरूरत थी, लेकिन टीम पांच रन ही बना सकी। जापान आखिरी ओवर में लक्ष्य से दो रन दूर रह गया।
इससे पहले भारत ने पांच ओवर के मुकाबले में सिर्फ 32/4 रन बनाए थे। लंबे इंतजार और कई निरीक्षणों के बाद मैच को पांच-पांच ओवर का करने का फैसला हुआ था। श्रेयस अय्यर ने 12 गेंदों पर नाबाद 16 रन बनाए, लेकिन बाकी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। अभिषेक शर्मा पहली ही गेंद पर आउट हो गए। उन्हें जापान के बाएं हाथ के स्पिनर चार्ली हारा-हिन्जे ने आउट किया। यही गेंदबाज 2024 में वैभव सूर्यवंशी को भी आउट कर चुके हैं। अभिषेक के लिए यह खास तौर पर निराशाजनक रहा, क्योंकि कुछ ही दिन पहले उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था।
जापान ने आखिरी तक दी टक्कर
भारत ने भी गेंदबाजी में स्पिन का सहारा लिया। जापान दो ओवर के बाद 8/2 पर था और ऐसा लग रहा था कि उसके लिए लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल होगा। लेकिन रवि बिश्नोई के एक ओवर में 10 रन आने से जापान मुकाबले में वापस आ गया। कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने 12 गेंदों पर 12 रन बनाए। जब जापान टीम को जीत के लिए नौ रन की जरूरत थी, तब वह आउट हो गए। आखिरी ओवर में जापान को आठ रन की जरूरत थी, लेकिन टीम पांच रन ही बना सकी। जापान आखिरी ओवर में लक्ष्य से दो रन दूर रह गया।