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Onion Prices: सरकार की रियायती बिक्री के बावजूद प्याज की कीमतें आसमान पर, मेट्रो शहरों में कहां पहुंचा भाव?

Tue, 22 Sep 2026 08:07 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 22 Sep 2026 08:07 PM IST
सार

सरकार की 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती बिक्री के बावजूद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों में प्याज की कीमतें 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। निजी व्यापार में कीमतें और भी अधिक हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Onion Prices Soar in Metros Despite Government Subsidised Sale
प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत नहीं। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सरकार की ओर से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज बेचने के बावजूद मेट्रो शहरों में इसकी कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। मंगलवार को खुदरा बाजारों में प्याज 53 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिका। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्याज 53 रुपये प्रति किलोग्राम था। मुंबई में यह 58 रुपये प्रति किलोग्राम और कोलकाता तथा चेन्नई में सबसे अधिक 60 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

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अखिल भारतीय स्तर पर प्याज का औसत खुदरा मूल्य 22 सितंबर को 54.2 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। अधिकतम मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम और न्यूनतम 29 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। हालांकि, निजी व्यापार के आंकड़ों ने मंत्रालय के आंकड़ों से काफी अधिक खुदरा कीमतें दिखाईं। 
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दिल्ली में प्याज की गुणवत्ता और इलाके के आधार पर 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में बिक्री हुई। यह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के लिए बताई गई 53 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अधिक है। केंद्र के हस्तक्षेप के बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सरकार दिल्ली और देश भर के 50 से अधिक अन्य शहरों में बफर स्टॉक की रियायती बिक्री के माध्यम से घरेलू आपूर्ति बढ़ा रही है।

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प्याज की कीमतें क्यों बढ़ी हुई हैं?

सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया है। इसके बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मेट्रो शहरों में कीमतें 53 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हैं। निजी व्यापार में ये कीमतें 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। यह दर्शाता है कि सरकारी प्रयासों का पूरा असर बाजार पर नहीं दिख रहा है।

सरकार क्या कदम उठा रही है?

केंद्र सरकार घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए सक्रिय है। वह बफर स्टॉक से प्याज की रियायती बिक्री कर रही है। यह बिक्री दिल्ली और देश के 50 से अधिक अन्य शहरों में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हो रही है। एनसीसीएफ और नाफेड जैसी नोडल एजेंसियां इसमें शामिल हैं। ये एजेंसियां 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाए हुए हैं।

कैसे पहुंच रहा है उपभोक्ताओं तक प्याज?

एनसीसीएफ और नाफेड उत्पादक राज्यों से उपभोक्ता केंद्रों तक प्याज पहुंचा रहे हैं। इसके लिए वे "कंदा एक्सप्रेस" नामक समर्पित रेल रैक का उपयोग करते हैं। सड़क मार्ग से भी प्याज की ढुलाई की जा रही है। यह खुदरा हस्तक्षेप कीमतों को कम करने के लिए किया जा रहा है। इस योजना के तहत चुनिंदा मूल्य-संवेदनशील शहरों में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर बेचा जा रहा है।

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