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सोने में नरमी से चमके गोल्ड ईटीएफ: त्योहारों से पहले एयूएम ₹1.91 लाख करोड़ के पार; जानें क्यों बढ़ रहे निवेशक?

Wed, 04 Nov 2026 05:46 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 04 Nov 2026 05:46 PM IST
सार

पिछले छह महीनों में सोने की कीमतों में 12% की गिरावट के बाद निवेशकों का रुझान गोल्ड ईटीएफ की ओर तेजी से बढ़ा है। जानिए अक्तूबर में कैसे ₹1.91 लाख करोड़ पहुंचा एयूएम, 30% से अधिक रिटर्न देने वाले टॉप फंड्स और गोल्ड ईटीएफ के फायदे।

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Festive Demand Drives Gold ETF Surge as Physical Prices Drop; AUM Hits ₹1.91 Lakh Crore
धनतेरस से पहले गोल्फ ईटीएफ का क्या हाल? - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भौतिक सोने के दामों में आई हालिया गिरावट ने भारतीय निवेशकों के लिए निवेश के नए रास्ते खोल दिए हैं। त्योहारों और शादियों के सीजन के बीच रिटेल खरीदार और निवेशक भौतिक आभूषण खरीदने के बजाय गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेड-फंड्स (गोल्ड ईटीएफ) की ओर रुख कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, ईटीएफ योजनाओं के तहत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है, जो अप्रैल के ₹1.58 लाख करोड़ से बढ़कर अक्टूबर में ₹1.91 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। 
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सोने के दामों में हाल के महीनों में कितनी गिरावट आई है और आज के नए भाव क्या?

कीमती धातु की कीमतों में बीते छह महीनों के दौरान लगभग 12 प्रतिशत की नरमी दर्ज की गई है। कीमतों में आई इस सुस्ती ने निवेशकों में आने वाले महीनों में रिकवरी की उम्मीद जगाई है, जिससे गोल्ड ईटीएफ में रुचि और अधिक बढ़ी है। 
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अक्तूबर महीने में ही सोने की कीमतों में ₹20,900 यानी 12.8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और यह 31 अक्तूबर को ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि 29 मई को यह ₹1,62,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। हालांकि, बुधवार को घरेलू बाजार में रिकवरी देखी गई और सोना पिछले सत्र के बंद स्तर से ₹4,800 उछलकर ₹1,46,600 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
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गोल्ड ईटीएफ ने बीते एक साल में कितना रिटर्न दिया है?

बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद गोल्ड-बैक-ईटीएफ का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। पिछले 12 महीनों की अवधि में इन फंड्स ने निवेशकों को 30 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। 

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले फंड्स का ब्योरा:
  • निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ बीस: इस स्कीम ने बीते 12 महीनों में 30.7 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
  • आईसीआईसीआई गोल्ड ईटीएफ: इसने भी 30.7 प्रतिशत का समान रिटर्न देकर सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
  • इन्वॉस्को गोल्ड ईटीएफ: इस फंड ने समान अवधि में 30.6 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज कराया है।

त्योहारों के दौरान भारतीय खरीदारों के रुख में क्या ढांचागत बदलाव आ रहा?

केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के व्यवहार में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स के रिसर्च हेड राजीव शरण के अनुसार, "केंद्रीय बैंकों की स्थिर खरीदारी और पश्चिम एशिया में तनाव के साथ, हम भारतीय त्योहारी खपत में एक स्ट्रक्चरल शिफ्ट (ढांचागत बदलाव) देख रहे हैं: खरीदार भले ही गोल्ड ईटीएफ की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन कुल रुपये में खर्च की स्थिति मजबूत बनी हुई है"। 

इसके साथ ही, चालू त्योहारी व शादी-विवाह के सीजन से सोने की कुल मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपने नवीनतम त्रैमासिक दृष्टिकोण में कहा है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही खरीदारी अगले 12 महीनों के दौरान सोने की कीमतों को आगे भी सहारा प्रदान कर सकती है।

भौतिक सोने की तुलना में गोल्ड ईटीएफ में निवेश के क्या मुख्य फायदे?

गोल्ड ईटीएफ ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं जो शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होती हैं और भौतिक सोने की घरेलू कीमतों को ट्रैक करती हैं। इसमें एक यूनिट 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले 1 ग्राम भौतिक सोने का प्रतिनिधित्व करती है। 
भौतिक सोने की तुलना में गोल्ड ईटीएफ के प्रमुख लाभ:
  • मेकिंग चार्जेस की बचत: भौतिक आभूषण खरीदने पर करीब 15 प्रतिशत तक मेकिंग चार्ज देना पड़ता है, जबकि ईटीएफ में ऐसा कोई खर्च नहीं होता।
  • सुरक्षा और लॉकर शुल्क से मुक्ति: ईटीएफ यूनिट्स डीमैट खाते में रखी जाती हैं, जिससे चोरी का डर या बैंक लॉकर का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता।
  • आसान ट्रेडिंग व लिक्विडिटी: निवेशक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लाइव स्पॉट कीमतों पर आसानी से यूनिट्स खरीद और बेच सकते हैं।
  • बिक्री पर कोई कटौती नहीं: भौतिक सोना बेचने पर लगने वाले टेस्टिंग और डिडक्शन चार्ज ईटीएफ पर लागू नहीं होते।
  • छोटे निवेश व एसआईपी का विकल्प: ईटीएफ के माध्यम से निवेशक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) या छोटे निवेश के जरिए भी सोने में पैसा लगा सकते हैं।
सोने की कीमतों में आई हालिया गिरावट और 30% से अधिक के मजबूत ऐतिहासिक रिटर्न ने गोल्ड ईटीएफ को त्योहारी सीजन में बेहद लोकप्रिय बना दिया है। मेकिंग चार्ज से मुक्ति, सुरक्षा और डीमैट के जरिए आसान लेनदेन के चलते भारतीय खरीदार आभूषणों के बजाय डिजिटल व वित्तीय सोने के इस माध्यम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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