Bihar: एक ही घाट पर पति-पत्नी, दूसरे घाट पर दो सगे भाइयों की जली चिताएं; भोजपुर सड़क हादसे ने सोनपुर को रुलाया
भोजपुर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चार युवाओं का सोमवार को सोनपुर में अंतिम संस्कार किया गया। एक घाट पर नवविवाहित पति-पत्नी और दूसरे घाट पर दो सगे भाइयों की चिताएं जलीं। मार्मिक दृश्य से पूरे क्षेत्र में शोक और मातम का माहौल छा गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के भोजपुर जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सोमवार को सोनपुर में अंतिम संस्कार का ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। एक ओर चतुरपुर पंचायत के हरपुरनंद गांव स्थित कल्लू घाट पर पति-पत्नी की चिताएं एक साथ जलीं, तो दूसरी ओर सोनपुर के काली घाट पर दो सगे भाइयों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक मंजर से पूरा इलाका गहरे शोक में डूब गया।
हरपुरनंद गांव निवासी संजय सिंह के 32 वर्षीय पुत्र प्रकाश सिंह और उनकी 28 वर्षीय पत्नी पल्लवी सिंह का अंतिम संस्कार कल्लू घाट पर किया गया। दोनों को प्रकाश के सौतेले भाई आदित्य सिंह ने मुखाग्नि दी।
वहीं, सोनपुर शिक्षक कॉलोनी निवासी विनोद सिंह के 26 वर्षीय पुत्र गौरव कुमार और 24 वर्षीय पुत्र सौरभ कुमार की चिताएं काली घाट पर एक साथ जलीं। दो जवान बेटों को एक साथ खोने का गम पिता विनोद सिंह के लिए असहनीय था। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। वह बार-बार यही कहते रहे कि अब बुढ़ापे का सहारा कौन बनेगा।
पढे़ं: अचानक JDU कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार, नाराज होकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से क्या कहा?
बताया जाता है कि प्रकाश सिंह अपनी पत्नी पल्लवी सिंह तथा अपने फुफेरे भाइयों सौरभ और गौरव के साथ हिमाचल प्रदेश के मनाली से लौट रहे थे। इसी दौरान भोजपुर जिले में उनकी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े कंटेनर से टकरा गई। हादसे में प्रकाश, पल्लवी और सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल गौरव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि प्रकाश और पल्लवी की शादी इसी वर्ष 22 फरवरी को हुई थी। विवाह के महज पांच महीने बाद ही दोनों की एक साथ अर्थी उठने से परिवार पूरी तरह बिखर गया। चारों शव गांव पहुंचते ही हरपुरनंद और सोनपुर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीख-पुकार और अंतिम विदाई के दौरान उमड़ी भीड़ को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे क्षेत्र में गम और मातम का माहौल बना हुआ है।