दिवाली से पहले बना रवि पुष्य नक्षत्र: गाड़ी, घर और सोना-चांदी खरीदने का शुभ योग और मुहूर्त
दिवाली से पहले शुभ खरीदारी का शुभ मुहूर्त का निर्माण हुआ है। 01 नवंबर 2026 को रवि पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बनेगा। इस शुभ योग में सोने-चांदी की खरीदारी और मकान करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
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रविवार, 01 नवंबर को पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है और 8 नवंबर को दिवाली है। यानी दिवाली के पहले ही शुभ खरीदारी और नए काम की शुरुआत करने का शुभ योग बन रहा है। पंचांग के अनुसार रवि पुष्य नक्षत्र तब बनता है जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है तो रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है। ज्योतिष में इस योग को बहुत ही शुभ संयोग माना जाता है।
ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को बहुत ही शुभ और फलदायी योग माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में सोना-चांदी, जमीन-मकान, लग्जरी चीजें आदि खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में खरीदारी के अलावा व्यापारी इस दिन नए बहीखाते शुरू करते हैं और वहीं आम लोग इस दिन लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा करते हैं।
रवि पुष्य नक्षत्र का क्या होता है महत्व?
रविवार के दिन जब पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है तो रवि पुष्य नक्षत्र संयोग का निर्माण होता है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है और ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, प्रतिष्ठा, नेतृत्व और आत्मविश्वास आदि का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं पुष्य नक्षत्र स्थिरता, सुख, समृद्धि, लाभ और शुभता का प्रतीक होता है। जिसके कारण रवि पुष्य नक्षत्र में किए गए शुभ काम से व्यक्ति के जीवन में मान-सम्मान, सुख, प्रसिद्ध और लाभ आदि की प्राप्ति होती है।
ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र होते हैं, जिसमें एक पुष्य नक्षत्र होता है जिस बहुत ही शुभ नक्षत्र माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को स्थिरता, लाभ, सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई चीजें लंबे समय तक जीवन में स्थिरता और शुभता लाती है। इसके अलावा इस नक्षत्र में पूजा-पाठ करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द से जल्द पूरी होती है।
रवि पुष्य में क्या-क्या खरीदना शुभ ?
- - ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवि-पुष्य योग में सोने-चांदी के सिक्के, नए आभूषण, बर्तन और दूसरी बहुमूल्य चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।
- - रवि पुष्य नक्षत्र में नई कार, बाइक आदि की बुकिंग या फिर डिलीवरी भी ले सकते हैं। इसे भी बहुत ही शुभ माना जाता है।
- - रवि पुष्य योग में मकान, जमीन, जायदाद, प्लैट आदि चीजों की खरीदारी कर सकते हैं।
- - रवि पुष्य योग में भगवान की मूर्तियां और दूसरी पूजन सामग्री आदि भी खरीद सकते हैं।
रवि पुष्य नक्षत्र में पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त
चौघड़िया समय
चर- सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक
लाभ- सुबह 9 बजे से लेकर 10 बजकर 30 मिनट तक
अमृत- सुबह 10 बजकर 30 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजे तक
शुभ- दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से लेकर 3 बजे तक
शुभ- शाम 6 बजकर 7 बजकर 30 मिनट तक
अमृत- शाम 7 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9 बजे तक
चर-रात 9 से 10 बजकर 30 मिनट तक
रवि पुष्य नक्षत्र में करें ये शुभ काम
- रवि पुष्य नक्षत्र में सूर्यदेव की विशेष रूप से पूजा-आराधना करने की परंपरा होती है। इस दिन सूर्य देव की पूजा के लिए तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें और ऊं सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें।