सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता स्टेशन तक रविवार को मेट्रो रविवार को 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में दौड़ी और इसी के साथ ट्रायल रन सफल हुआ। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी पांच सदस्यीय टीम के सामने यह परीक्षण हुआ। इसके अलावा कॉलिजन टेस्ट में 40 की स्पीड से दो मेट्रो आमने-सामने आई पर भिड़ी नहीं। आईआईटी से नौबस्ता तक कॉरिडोर-1 की इंटीग्रेटेड फाइनल टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई। सोमवार को कुछ अन्य परीक्षणों के बाद टीम वापस दिल्ली लौट जाएगी। इसके बाद वहां से रिपोर्ट बना कर यूपीएमआरसी के निदेशक को भेजेगी। जुलाई में प्रस्तावित दौरे में पीएम मोदी सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं। यूपीएमआरसी के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्रा ने बताया कि सीएमआरएस ने निरीक्षण के दूसरे दिन नवीन मार्केट स्टेशन से मेट्रो ट्रेन से निरीक्षण प्रक्रिया शुरू की गई। सभी अधिकारी विभिन्न तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण करते हुए सेक्शन के आखिरी स्टेशन नौबस्ता पहुंचे। वहां से सीएमआरएस और उनकी टीम ने मोटर ट्रॉली में बैठ नौबस्ता से कानपुर सेंट्रल तक अप-लाइन ट्रैक में पहुंचे। इसके बाद एलिवेटेड स्टेशन नौबस्ता, बौद्धनगर, बसंत विहार, किदवईनगर एवं बारादेवी और अंडरग्राउंड स्टेशन ट्रांसपोर्टनगर और झकरकटी का निरीक्षण किया। इस दौरान तकनीकी कक्षों, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम तथा प्लेटफॉर्म के बुनियादी ढांचे सहित अन्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया।