वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली और घरेलू स्तर पर बदले आर्थिक घटनाक्रमों के बीच मंगलवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने का भाव लगातार पांचवें कारोबारी दिन कमजोर हुआ और करीब दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत मंगलवार को 2,700 रुपये प्रति 10 ग्राम घटकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई, जबकि इससे एक दिन पहले सोमवार को यह 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। यानी सिर्फ एक कारोबारी सत्र में सोने की कीमत में लगभग 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पिछले पांच दिनों से जारी लगातार गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों की भी चिंता बढ़ा दी है। बाजार जानकारों के अनुसार, सोने की कीमतों पर इस समय अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों कारकों का दबाव है। वैश्विक बाजारों में निवेशकों की ओर से बड़े पैमाने पर बिकवाली ने कीमती धातुओं की कीमतों को कमजोर किया है। इसके अलावा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी सोने के लिए नकारात्मक माहौल बना रही है। आम तौर पर ऊंची ब्याज दरों के दौर में निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो जाती हैं, जिससे सोने जैसी गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों की मांग प्रभावित हो सकती है। वहीं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है, क्योंकि महंगा तेल वैश्विक महंगाई के दबाव को बढ़ा सकता है और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति को प्रभावित कर सकता है। घरेलू बाजार में मंगलवार की गिरावट के बाद सोना उस स्तर पर आ गया है, जो इससे पहले 19 अगस्त को देखा गया था, जब 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत लगभग 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। इस लिहाज से मौजूदा कीमत हाल के सप्ताहों के निचले स्तरों में शामिल है। हालांकि, सोने की कीमतों में लगातार पांच दिनों की गिरावट को केवल एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की दिशा, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदें, कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और घरेलू मांग जैसे कई कारक मिलकर सोने और चांदी के भाव को प्रभावित करते हैं। त्योहारी और शादी के मौसम में भारतीय बाजार में सोने की मांग आम तौर पर बढ़ती है, इसलिए मौजूदा गिरावट आभूषण खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत निचले भाव पर खरीदारी का अवसर भी पैदा कर सकती है। दूसरी ओर, निवेशकों के लिए लगातार पांच दिनों की कमजोरी यह संकेत देती है कि बाजार में फिलहाल अस्थिरता काफी अधिक है। चांदी की कीमतों में भी मंगलवार को कमजोरी देखी गई, जिससे पूरे बुलियन बाजार पर दबाव का संकेत मिलता है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की दिशा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग पर रहेगी। कुल मिलाकर, मंगलवार की गिरावट ने भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत को 1.58 लाख रुपये के आसपास ला दिया है और लगातार पांच दिनों की कमजोरी के बाद अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या इस स्तर पर खरीदारी लौटती है या सोने की कीमतों में और दबाव देखने को मिलता है।