पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर के बाहर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के दौरान राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और सनातन किसी एक संगठन की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था और संस्कृति का आधार है। पप्पू यादव ने कहा, "हिंदू धर्म और सनातन RSS का नहीं है। हिंदू धर्म मेरा है, सनातन मेरा है और हम भगवान राम के बताए रास्ते पर चलने वाले लोग हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और खुद को धर्म का सबसे बड़ा संरक्षक बताने की कोशिश कर रहे हैं।
पप्पू यादव ने अपने बयान में कुछ धार्मिक व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि "ये नकली और ढोंगी बाबा हैं, जिनका कोई चरित्र ही नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग वास्तविक धार्मिक परंपराओं और शंकराचार्यों की शिक्षाओं का पालन नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में पुजारियों के रूप में ऐसे लोगों को बैठाया गया है, जिनका संबंध RSS की विचारधारा से है। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखा जाना चाहिए और मंदिरों का संचालन पूरी पारदर्शिता तथा धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए।
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यह मामला केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के मंदिरों की व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई मंदिरों की संपत्ति और चढ़ावे में अनियमितताएं हुई हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं और आस्था की रक्षा के लिए है। पप्पू यादव ने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करती है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार, यदि जांच निष्पक्ष नहीं होगी और सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तो इस तरह के विवाद भविष्य में भी सामने आते रहेंगे। पप्पू यादव ने कहा कि भगवान और आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता या भ्रष्टाचार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करे और यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।