पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक गीता भुक्कल 27 साल से पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को राखी बांध रही हैं। वे कहती हैं कि रक्षा बंधन पर आज मेरे लिए राजनीति से अलग एक भावनात्मक दिन रहा। मैंने चंडीगढ़ स्थित आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लगातार 27वीं बार राखी बांधी। राजनीति में आने के समय से ही हुड्डा मेरे लिए बड़े भाई की तरह रहे हैं और हर कदम पर उनका मार्गदर्शन मिला है। मेरे लिए यह सिर्फ राखी बांधने की रस्म नहीं, बल्कि 27 साल से चले आ रहे भाई-बहन के रिश्ते को निभाने का अवसर है। इन वर्षों में एक भी बार ऐसा नहीं हुआ, जब राखी बांधने का यह क्रम टूटा हो। मुझे एक घटना आज भी याद है। एक बार किसी वजह से मुझे राखी बांधने में देरी हो गई थी। मैं अगले दिन उनके आवास पर पहुंची। मुझे देखते ही हुड्डा साहब ने मुस्कुराते हुए पूछा- “गीता, मेरी राखी कहां है?” मैं पहले से ही राखी बांधने की तैयारी करके पहुंची थी। उनके इतना पूछते ही मेरे सहयोगी ने राखी की थाली सामने ला दी। इस रिश्ते में राजनीति कभी आड़े नहीं आई। मेरे लिए हुड्डा साहब हमेशा बड़े भाई और मार्गदर्शक रहे हैं। हर रक्षा बंधन पर राखी बांधते हुए यही कामना रहती है कि यह स्नेह और विश्वास हमेशा बना रहे। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राखी बंधवाने के बाद गीता भुक्कल के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि गीता भुक्कल में हमेशा छोटी बहन होने का धर्म निभाया है।