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पटाखा विस्फोट मामला: 30 सेकंड में जमींदोज हो गया था मकान, झुलसी महिला का इलाज बिना प्लास्टिक सर्जन के

Sun, 18 Oct 2026 11:34 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के सारनाथ स्थित पैगंबरपुर में पटाखा विस्फोट से तीन मंजिला मकान महज 30 सेकंड में जमींदोज हो गया था। हादसे में झुलसी महिला का इलाज प्लास्टिक सर्जन के बिना किया जा रहा है। विस्फोट में कई अन्य मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य के साथ घायलों के उपचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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माैके पर एटीएस और एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान राजू खान के मकान में हुए भीषण विस्फोट की भयावह तस्वीर सामने आई है। घटनास्थल के सामने स्थित मकान में लगे सीसी कैमरे में धमाके के बाद तीन मंजिला मकान के महज 30 सेकंड में ढहने का दृश्य कैद हुआ है।

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विस्फोट इतना तेज था कि मकान देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया। हादसे में पटाखा बनाने में लगी चांदनी बेगम (35) और उसका 14 वर्षीय बेटा आदिल खान गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, दस वर्षीय बच्ची अरफिया भी चोटिल हुई है।

सीसी कैमरे के फुटेज में धमाके के बाद मकान के ढहने की पूरी भयावहता दिखाई दे रही है। अचानक हुए विस्फोट के बाद इमारत का ढांचा कुछ ही पलों में भरभराकर गिर गया। मकान के धराशायी होते ही आसपास धूल का गुबार फैल गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तीन मंजिला इमारत को जमींदोज होने में करीब 30 सेकंड लगे। विस्फोट की जद में आए सात मकानों में से कुछ में दरारें आ गई हैं। ढहे मकान का मलबा हटाने में 48 घंटे लगे। मलबा पांच फीट चौड़े रास्ते पर आ गया था, जिससे कॉलोनी में पहले दिन आवागमन प्रभावित रहा। लोग दूसरे रास्ते से अपने घर पहुंचे। 

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दरके मकान की जांच करने नगर निगम की टीम पहुंची : विस्फोट के बाद दरके मकान और लटके गार्डर की जांच करने नगर निगम की टीम पहुंची। टीम ने मकान की स्थिति का जायजा लिया। विस्फोट के दौरान मकान ढहने के साथ ही गार्डर लटक गया था, जिससे खतरा उत्पन्न हो गया था। ऐसे में शनिवार को नगर निगम की टीम वहां पहुंची और कार्रवाई की। 

क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए मिलेगा मुआवजा
सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए प्रदेश सरकार मुआवजा देगी। शनिवार को प्रदेश सरकार के स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों को सहायता का भरोसा दिलाया। 

विस्फोट की चपेट में महिला मोर्चा की नेत्री चंद्रकला का आवास भी आ गया। मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से घटना और नुकसान की जानकारी ली। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने मुख्य आरोपी राजू खान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए जाने पर पुलिस प्रशासन की सराहना की। 

क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उत्तरी विधानसभा संयोजक अरविंद सिंह, पूर्व वीसी प्रो. जीसी जायसवाल, मंडल अध्यक्ष दिलीप चौहान और अतुल सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष कमलेश सोनकर मौजूद रहे। वहीं राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी चंद्रकला से मुलाकात की। 

अस्पताल में घायल महिला। - फोटो : अमर उजाला
झुलसी महिला का इलाज बिना प्लास्टिक सर्जन के
जलने के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के इलाज में प्लास्टिक सर्जन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। वाराणसी में 10 साल से अधिक समय से किसी भी सरकारी अस्पताल में प्लास्टिक सर्जन नहीं है। सारनाथ के पैगंबरपुर में दो दिन पहले पटाखा विस्फोट में 85 फीसदी झुलसी महिला का इलाज भी सर्जन के भरोसे चल रहा है। इस महिला के इलाज के लिए भी अब निजी अस्पताल से प्लास्टिक सर्जन बुलाने की तैयारी है।

नियमानुसार, जलने वाले मरीजों का इलाज प्लास्टिक सर्जन को करना चाहिए, लेकिन मंडलीय अस्पताल में करीब दस साल पहले डॉ. एके प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद से किसी अन्य प्लास्टिक सर्जन की तैनाती नहीं हो सकी। लिहाजा, सर्जन समेत दूसरे चिकित्सकों के भरोसे ही बर्न वार्ड का संचालन किया जा रहा है। 
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एचडीयू से बर्न वार्ड में शिफ्ट हुई 85 फीसदी जली महिला : पैगंबरपुर में पटाखा विस्फोट की घटना में घायल 85 फीसदी झुलसी महिला का शुरुआती दो दिन तक एचडीयू में रखकर इलाज किया गया। अब उसे बर्न वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। घटना वाले दिन सीएमओ डॉ. एनपी सिंह भी मंडलीय अस्पताल में महिला को देखने पहुंचे थे। उन्होंने चिकित्सकों से बेहतर इलाज करने को कहा था। 

महिला का इलाज सर्जन सहित अन्य डॉक्टरों की टीम कर रही है। उसकी सेहत की रिपोर्ट भी ली जा रही है। जरूरत पड़ने पर निजी अस्पताल से प्लास्टिक सर्जन को बुलाकर उसका और बेहतर इलाज कराया जाएगा। - डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ
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