इटवा तहसील परिसर में धरना देते लेखपाल। संवाद
संघ का आरोप- पूर्व में दिए ज्ञापनों के बाद भी नहीं हुई वार्ता, समाधान की पहल भी नहीं
इटवा। तहसीलदार इटवा के रवैये के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मंगलवार को तहसील परिसर में धरना दिया। लेखपालों ने एसडीएम इटवा को ज्ञापन सौंपकर पूर्व में उठाई गई समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
लेखपाल संघ इटवा के अध्यक्ष अमरदीप चौधरी और मंत्री नवीन कुमार चौधरी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 17 जुलाई और पांच सितंबर को भी ज्ञापन देकर अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया था। संघ का आरोप है कि इसके बाद समस्याओं के निस्तारण की दिशा में कोई पहल नहीं हुई। कार्यकारिणी के पदाधिकारियों अथवा सदस्यों से समस्याओं को लेकर वार्ता भी नहीं की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि समस्याओं के संबंध में तहसीलदार से वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने बातचीत से इन्कार कर दिया। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि तहसीलदार ने कहा कि वार्ता और समस्या का समाधान उनके विशेषाधिकार में है तथा जब उनकी इच्छा होगी, तभी वार्ता या समाधान किया जाएगा।
तहसीलदार के कथित रवैये से आहत लेखपालों ने धरना देने का निर्णय लिया। संघ ने कहा कि यदि धरने के दौरान किसी तरह की घटना या दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। लेखपालों ने एसडीएम से मामले में हस्तक्षेप कर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। एसडीएम इटवा ने कहा कि लेखपालों की ओर से बताई गई समस्याएं तहसीलदार से संबंधित हैं।