सिद्धार्थनगर। बहराइच-खलीलाबाद नई रेललाइन परियोजना जिले में अब धरातल पर आकार लेने लगी है। पहले चरण में बांसी तहसील के करमा से गौरी तक करीब 54 किलोमीटर रेलखंड के लिए 82.81 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
अधिग्रहित जमीन पर मिट्टी पटाई का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसी रेलखंड में खेसरहा के बतसा और बांसी के गौरी गांव में स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। बुधवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परियोजना के भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि खलीलाबाद से बहराइच तक करीब 240 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन प्रस्तावित है।
जिले में पहले चरण के तहत करमा से गौरी तक के हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण की शेष कार्रवाई निर्धारित समयसीमा में पूरी करने और प्रभावित किसानों व भू-स्वामियों को प्रतिकर भुगतान में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), सक्षम प्राधिकारी भूमि अध्याप्ति, नायब तहसीलदार बांसी और पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
दूसरे चरण में बांसी के 18 गांवों में अधिग्रहण ः परियोजना के दूसरे चरण में बांसी तहसील के 18 गांवों और पांच आरओबी से जुड़े गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 15 गांवों में 20ई की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब 15 अक्तूबर तक 20एफ की कार्रवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। शेष आठ गांवों में 20ई की कार्रवाई पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से की जानी है। डुमरियागंज के 46 गांव भी दायरे में ः डुमरियागंज तहसील के 46 गांवों की भूमि भी परियोजना के लिए अधिग्रहित की जानी है। इनमें 15 गांवों में 20एफ की कार्रवाई पूरी हो चुकी है और प्रभावित किसानों को प्रतिकर का भुगतान किया जा रहा है। अन्य 15 गांवों में 30 नवंबर तक कार्रवाई पूरी करने का लक्ष्य है।