रामकोला। पति से विवाद के बाद 18 माह के बेटे के साथ चार दिन से ससुराल के दरवाजे पर बैठी महिला की रविवार को तबीयत बिगड़ गई। उसे सीएचसी रामकोला में भर्ती कराया गया, जहां करीब चार घंटे तक उपचार चला। चिकित्सकों से छुट्टी मिलने के बाद महिला फिर बच्चे के साथ ससुराल पहुंच गई और दरवाजे पर बैठ गई।
नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर पांच चित्रगुप्त नगर में पति के घर के सामने बैठी लाडली जायसवाल का कहना है कि उसकी शादी 25 फरवरी 2024 को प्रेमचंद्र जायसवाल के साथ हुई थी। पति से विवाद के बाद कुछ माह पहले पंचायत हुई थी। इसके बाद वह छह माह के लिए अपने पिता के घर लखुआ, थाना खड्डा चली गई थी। बृहस्पतिवार सुबह वह 18 माह के बेटे के साथ ससुराल पहुंची और घर के दरवाजे पर बैठ गई। रविवार को चौथे दिन भी उसका धरना जारी रहा।
लाडली का कहना है कि उसका ससुराल ही उसका घर है। शादी के बाद उसका बच्चा भी हुआ है। ऐसे में वह अपने बच्चे के साथ कहां जाएगी। जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, वह घर के दरवाजे से नहीं हटेगी। उसने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से अब तक उसे कोई सहयोग नहीं मिला है। उसका कहना है कि वह मर जाएगी लेकिन अपने घर को छोड़कर नहीं जाएगी।
इस संबंध में रामकोला थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पति को थाने बुलाया गया था। वह भी महिला पर आरोप लगा रहा है। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. एपी गुप्ता ने बताया कि महिला उपचार के लिए आई थी। उसका स्वास्थ्य ठीक था। करीब चार घंटे तक उपचार करने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।