आंदोलन को गति देने के लिए अधिवक्ताओं की एक संघर्ष समिति बनाई जाएगी। मांगें न माने जाने तक हर बुधवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे। दोनों निर्णय सोमवार को लॉयर्स एसोसिएशन के पं. रामकुमार शुक्ल हॉल में हुई अधिवक्ताओं की आमसभा में पास हो गए।
लॉयर्स एसोसिएशन में दोपहर बाद हुई अधिवक्ताओं की आमसभा का संचालन करते हुए महामंत्री राजीव यादव ने बताया कि प्रांतीय सम्मेलन के निर्णय के तहत पिछले दिनों राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार और बुधवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार किया गया था। इसके चलते जिला जज ने बार व लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आंदोलन को धार देने के लिए रूपरेखा तैयार करने की जरूरत है और इसीलिए आमसभा बुलाकर विचार-विमर्श किया जाना जरूरी है। आमसभा में अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी बात रखी और संघर्ष जारी रखकर मांगें पूरी न होने तक हर बुधवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार रखने के प्रस्ताव का एकस्वर में समर्थन किया।
आमसभा में तय हुआ मंगलवार को बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों व महामंत्रियों की बैठक बार एसोसिएशन हॉल में बुलाई जाएगी। इसमें एक संघर्ष समिति बनाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। आमसभा की अध्यक्षता लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा ने की। इस दौरान लायर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा पष्करधर द्विवेदी बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा, उपाध्यक्ष सोनल पाठक व मो. तौहीद ने मंच साझा किया। आमसभा में नरेश चंद्र त्रिपाठी, कपिलदीप सचान, शरद शुक्ला, राकेश तिवारी, अनूप द्विवेदी, संजय कुमार सिंह, यशु शुक्ला, कपिलदेव राय सिन्हा, हेमंत तिवारी, ब्रजनारायण निषाद आदि शामिल रहे।