अंबेडकरनगर। बीते 25 और 26 सितंबर को हुई असामयिक बारिश और अतिवृष्टि से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन में तिल की फसल को सबसे अधिक 25 से 30 प्रतिशत तक क्षति की आशंका जताई गई है। जिले में सबसे अधिक क्षेत्रफल में बोई गई धान की फसल भी प्रभावित हुई है। 1.25 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोए गए धान में 10 से 12 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है।
जिला कृषि अधिकारी और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 855 हेक्टेयर में बोई गई तिल की फसल में 25 से 30 प्रतिशत, 850 हेक्टेयर की मक्का फसल में 15 से 20 प्रतिशत और 625 हेक्टेयर में बोई गई ज्वार में 13 से 16 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। 910 हेक्टेयर में बोए गए बाजरा में 10 से 15 प्रतिशत क्षति की आशंका है।
इसी तरह 4,080 हेक्टेयर में बोई गई अरहर में आठ से 10 प्रतिशत, 130 हेक्टेयर की मूंग और 220 हेक्टेयर में बोई गई उड़द में पांच से 10 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। चूंकि फसलों की क्षति 33 प्रतिशत से कम है, इसलिए आपदा प्रबंधन के तहत तत्काल राहत मिलना मुश्किल है। क्रॉप कटिंग के दौरान उत्पादन के आधार पर मुआवजा तय किया जाएगा।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। - अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी