एक किशोरी को एटा जनपद के मिरहिची थाने के खरगी गांव में बेचने वाले इसी गांव के निवासी विनोद को पुलिस ने रविवार को बैरामगढ़ी माइनर के पास से पकड़ लिया। हालांकि लापता किशोरी अभी भी पुलिस नहीं खोज पाई है।
एसएचओ जोगेंद्र सिंह ने बताया कि नामजद विनोद की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी थीं। पूछताछ में विनोद ने बताया कि रक्षाबंधन से चार-पांच दिन पहले ही उपेंद्र किशोरी को उसके पास छोड़कर गया था। इसके बाद किशोरी अपने घर अलीगढ़ जाने की जिद करने लगी तो उन्होंने 500 रुपये का नोट और 20 रुपये खुले देकर उसे एक टेंपो में बिठा दिया था। इसके बाद से किशोरी के बारे में कोई जानकारी मिली और न किशोरी ने संपर्क किया। एसएचओ जोगेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी विनोद को जेल भेज दिया गया है।
मामले में आरोपी विनोद की बेटी भारती, दामाद सुनील निवासीगण अलीगढ़ और किशोरी को खरीदने वाला खरगी गांव निवासी उपेंद्र पहले से जेल में है। इसी मामले में नामजद विनोद की पत्नी सुदामा अभी फरार है। वहीं किशोरी के न मिलने से परिजन चिंतित हैं।
थाना पुलिस के अनुसार आठ जून को तालानगरी क्षेत्र की 15 वर्षीय किशोरी अपने प्रेमी के साथ घर से निकल गई थी। उसके प्रेमी ने पकड़े जाने के डर से उसे बौनेर तिराहे पर घर लौटने के लिए टेंपो में बिठा दिया था। रास्ते में डरी-सहमी किशोरी को टेंपो चालक सुनील अपने घर ले गया। वहां किशोरी से दुष्कर्म किया जबकि उसकी पत्नी दुष्कर्म का मोबाइल पर वीडियो बनाती रही। इसके बाद दोनों ने किशोरी को अपने ससुर विनोद को बेच दिया था। विनोद ने 70 हजार रुपये में गांव निवासी उपेंद्र को बेच दिया था।