केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के परिसीमन संबंधी बयान पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में परिसीमन होना संविधान के प्रावधानों के अनुरूप है और इसके खिलाफ बयान देना संविधान की भावना के विपरीत है।
मेघवाल ने कहा- 2026 में परिसीमन होना ही है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा संविधान के विपरीत जाकर बातें की जा रही हैं। इसका मतलब यह है कि संविधान की पुस्तक केवल दिखावे के लिए हाथ में रखी जाती है, उसकी बातों को पढ़ा और समझा नहीं जाता।
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उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का विषय सभी पक्षों से चर्चा के बाद आगे बढ़ाया गया था। उस समय सभी ने अपनी राय रखी थी, लेकिन राहुल गांधी ने तब इस प्रकार का कोई मुद्दा नहीं उठाया। इससे उनकी मानसिकता स्पष्ट होती है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संविधान की बात तो करते हैं लेकिन उनका आचरण संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर मेघवाल ने कहा कि वर्तमान में प्रत्येक राज्य की लोकसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने का अनुमान है। परिसीमन के बाद बढ़ी हुई सीटों पर महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा- इसमें किसी के साथ अन्याय नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया संविधान के अनुसार आगे बढ़ेगी।