दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रैली को असफल करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रैली में दस लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है और केंद्र सरकार दिल्ली आने वाले लोगों की भीड़ रोकने की कोशिश कर सकती है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लांबा के मुताबिक, यदि 30 अक्टूबर तक उनका इस्तीफा हो जाता है तो कांग्रेस रैली नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी बात रखी है।
लांबा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध जारी रखेगी। उन्होंने जंतर-मंतर पर आंदोलन करने के अधिकार को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
2029 का लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग
अलका लांबा ने कांग्रेस की प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर लोगों के मन में संदेह बढ़ रहा है और कांग्रेस चाहती है कि 2029 का लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाए।
उन्होंने मध्य प्रदेश और हरियाणा के चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि कुछ मतदाताओं ने कांग्रेस को वोट देने के बावजूद नतीजों पर सवाल उठाए थे। लांबा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए बैलेट पेपर से मतदान पर विचार किया जाना चाहिए।
SIR को बताया वोट चोरी का माध्यम
लांबा ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रक्रिया का विरोध जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पहले की व्यवस्था बहाल करने की मांग की।