शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंथक सम्मेलन में कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर आयोजित पंथिक एकत्रीकरण में खालसा पंथ ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए हैं। इनमें 15 जून को जारी अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे को पूरी तरह लागू करने का निर्णय शामिल है।
पंथिक एकत्रीकरण के बाद पत्रकारों से बातचीत में धामी ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इतिहास गवाह है कि इससे टकराने वाले कभी सफल नहीं हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के हालिया बयानों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें उन्हें टकराव की राजनीति की ओर धकेल रही हैं।
बैठक में सिंह साहिबान, निहंग सिंह जत्थेबंदियां, कार सेवा प्रमुख, निर्मला और उदासी संप्रदायों के प्रतिनिधियों तथा किसान संगठन के नेताओं ने भाग लिया और अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को मनाए जाने वाले मीरी-पीरी दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा जल्द ही जिलेवार कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी की जाएगी। साथ ही उन्होंने सिख इतिहास और संघर्ष पर आधारित फिल्मों को समाज तक पहुंचाने की भी वकालत की।