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यूपी में थप्पड़ के बदले मासूम का कत्ल: 210 किमी दूर पिंजौर से बदला लेने गांव आया किशोर, बनाया ये बहाना; मारा

Sat, 31 Oct 2026 12:01 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किशोर ने थप्पड़ का बदला लेने के लिए नौ साल के चचेरे भाई की हत्या कर दी। आरोपी ने गला दबाकर हत्या के बाद मासूम का शव गन्ने के खेत में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद मामले का खुलासा कर दिया है।
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muzaffarnagar murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुजफ्फरनगर में थप्पड़ का बदला लेने के लिए 16 वर्षीय किशोर ने पहली कक्षा में पढ़ने वाले अपने नौ साल के चचेरे भाई अमन की कपड़े से गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि पंचकूला में अमन के पिता ने किसी बात पर उसे थप्पड़ मारा था। इसी का बदला लेने के लिए हत्या कर दी।

जमशेद हरियाणा के पंचकूला स्थित पिंजोर में भाइयों के साथ फर्नीचर बनाने का काम करते हैं। गांव के ही न्यू चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाली उसका पुत्र अमन 28 अक्तूबर को लापता हो गया। परिजन उसकी तलाश करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। 29 अक्तूबर को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
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मासूम अमन की हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने सीसीटीवी खंगालने शुरू किए। गांव में आखिरी बार मासूम अपने चचेरे भाई के साथ देखा गया था। शक के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो मामला खुला गया। शुक्रवार सुबह पकड़े गए किशोर का निशानदेही पर हाईवे के निकट गन्ने के खेत से पत्तियों के नीचे छिपाए गए अमन के शव को बरामद किया गया।
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घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सलाखों से बचाने के लिए मारा गया थप्पड़ बना सजा
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी के सठेड़ी गांव के मासूम अमन की हत्या के मामले में 16 वर्षीय आरोपी ने पहले पुलिस को धोखा देने का प्रयास किया। पुलिस को विश्वास दिलाया कि उसे अमन की जानकारी नहीं है। पुलिस ने उसे छोड़ दिया लेकिन गांव में निगरानी शुरू कराई। गली के नुक्कड़ पर बच्चे की गुमशुदगी का जिक्र हुआ तो आरोपी ने कह दिया कि अब वह नहीं मिलेगा। सूचना पुलिस तक पहुंची तो दोबारा उसे थाने लाकर जानकारी ली गई। इसके बाद वारदात का खुलासा हुआ।

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मासूम अमन की हत्या के बाद बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमन घर के सामने से 28 अक्तूबर की शाम छह बजे लापता हुआ। पहले दिन परिजन खुद तलाशते रहे लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस बीच हादसे में एक बच्चे के घायल होने की जानकारी आई लेकिन वह दूसरा बच्चा निकला। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी से बृहस्पतिवार को जानकारी ली थी लेकिन तब वह पुलिस को गच्चा देने में कामयाब हो गया था।
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मासूम अमन की हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार को दोबारा आरोपी से पूछताछ की, जिसके बाद वारदात का खुलासा हुआ। एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने बताया कि आरोपी को पकड़ लिया गया है। मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा जाएगा।
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घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाइक खराब होने का बनाया था बहाना
आरोपी अपने साथ अमन को बाइक खराब होने की बात कहकर ले गया। दिल्ली-दून हाईवे किनारे के गहरे खेत में ले जाकर कपड़े से गला दबाकर हत्या कर दी और शव को छिपा दिया। बरसात के कारण दो दिन खेतों में आवाजाही कम रही, जिस कारण किसानों को भी पता नहीं चल सका।

तीन बच्चे...सबसे बड़ा था अमन
सठेड़ी निवासी कारपेंटर जमशेद का बेटा अमन तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। गांव के स्कूल में कक्षा एक में पढ़ता था। अमन की मां राबिया और परिवार के अन्य सदस्य गमजदा है। बच्चे की हत्या से गांव में भी गम का माहौल बन गया। देर रात गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। संवाद
 
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muzaffarnagar murder - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस तरह भाई चले गए पिंजोर
जमशेद अपने भाई सद्दाम, गुलशेर और जीशान के साथ पंचकुला जिले के पिंजोर कस्बे में रहकर फर्नीचर की दुकान चलाते हैं। रतनपुरी क्षेत्र से उनके पास काम सीखने के लिए कारीगर आते-जाते रहते हैं। पहले परिवार गांव में रहकर काम करता था।


 

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जानकारी देते परिजन - फोटो : वीडियो ग्रैब
पिंजोर में यह हुआ था विवाद
कारपेंटर जमशेद के बाद आरोपी छह महीने पहले काम सीखने के लिए गया था। बाद में वह दूसरी दुकानों पर काम करने लगा। 18 अक्तूबर को पड़ोसी की दुकान में चोरी के मामले में वह पकड़ा गया। सीसीटीवी से पुष्टि हुई और पुलिस मौके पर आ गई थी। इसके बाद जमशेद ने गांव में आरोपी के पिता को कॉल कर जानकारी दी। पिता ने कहा कि किसी भी तरह डांट डपटकर पुलिस मामला से पहले मामला निपटवा दो। जमशेद ने दुकानदारों की मदद से मामला निपटवा दिया और डांटते हुए किशोर को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद आरोपी 18 अक्तूबर को सठेड़ी लौट आया था।

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बच्चे के शव लेकर जाती पुलिस - फोटो : वीडियो ग्रैब
पिता के सामने असहाय, बेटे पर निकाला गुस्सा : जैन
मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन ने बताया कि किशोरावस्था एक ऐसा दौर है, जहां बच्चों के लिए उनका आत्मसम्मान और पहचान सबसे महत्वपूर्ण होती है। किसी वयस्क या बड़े व्यक्ति की ओर से थप्पड़ मारा जाना उनके लिए सिर्फ एक शारीरिक चोट नहीं, बल्कि एक गहरा सार्वजनिक अपमान और मानसिक आघात होता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
किशोर के मन में गुस्सा थप्पड़ मारने वाले पिता के प्रति था लेकिन वह शारीरिक या सामाजिक रूप से पिता का मुकाबला करने में असमर्थ या कमजोर महसूस कर रहा था, इसलिए उसने अपने गुस्से को एक अधिक कमजोर और असहाय टारगेट पर स्थानांतरित कर दिया। मनोविज्ञान में इसे विस्थापित आक्रामकता कहा जाता है, जहां व्यक्ति अपने से ताकतवर का गुस्सा किसी निर्दोष और कमजोर पर निकालता है।
 
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