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पति की मौत के बाद पत्नी को किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है?

Mon, 28 Sep 2026 11:49 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Documents: पति के निधन के बाद परिवार को कई जरूरी काम करने पड़ते हैं, जैसे बैंक अकाउंट, बीमा, पेंशन, पीएफ और दूसरी वित्तीय चीजों से जुड़े दावे। ऐसे समय में अगर जरूरी दस्तावेज पहले से संभालकर रखे हों तो पत्नी के लिए कागजी कार्रवाई काफी आसान हो सकती है। 
 
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ये कागज नहीं मिले तो बढ़ सकती है परेशानी - फोटो : एआई
पति की मौत परिवार के लिए बेहद मुश्किल समय होता है। इस दुख के बीच पत्नी और परिवार को बैंक अकाउंट, बीमा, पीएफ, पेंशन और दूसरी वित्तीय चीजों से जुड़े कई काम भी करने पड़ सकते हैं। ऐसे में जरूरी दस्तावेजों की जानकारी न होने पर परेशानी और बढ़ सकती है। इसलिए कुछ कागजों की जानकारी और उनकी कॉपी पहले से संभालकर रखना समझदारी है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
 
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ये कागज नहीं मिले तो बढ़ सकती है परेशानी - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले संभालकर रखें डेथ सर्टिफिकेट
पति की मृत्यु के बाद डेथ सर्टिफिकेट सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक होता है। बैंक, बीमा कंपनी, पीएफ और कई दूसरे कामों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। इसलिए इसकी पर्याप्त कॉपियां और डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखना अच्छा रहता है। अलग-अलग संस्थान अपनी प्रक्रिया के हिसाब से दस्तावेज मांग सकते हैं।
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ये कागज नहीं मिले तो बढ़ सकती है परेशानी - फोटो : freepik

पति के आधार और पैन की जानकारी रखें
पति का आधार कार्ड और पैन कार्ड भी संभालकर रखें। कई वित्तीय और प्रशासनिक कामों में मृत व्यक्ति की पहचान से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है। पत्नी का अपना आधार और पैन भी अपडेट और उपलब्ध होना चाहिए।

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ये कागज नहीं मिले तो बढ़ सकती है परेशानी - फोटो : Adobe Stock
बैंक अकाउंट और निवेश की जानकारी जरूरी
पति के बैंक अकाउंट, एफडी, म्यूचुअल फंड, डीमैट अकाउंट या दूसरे निवेशों की जानकारी संभालकर रखें। सिर्फ बैंक पासबुक ही नहीं, बल्कि अकाउंट नंबर, बैंक की शाखा और जहां संभव हो वहां नॉमिनी की जानकारी भी पता होनी चाहिए। 

बीमा पॉलिसी के कागज जरूर रखें
अगर पति के नाम लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है तो उसकी पॉलिसी कॉपी, पॉलिसी नंबर और बीमा कंपनी की जानकारी सुरक्षित रखें। क्लेम के समय डेथ सर्टिफिकेट समेत कुछ दूसरे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। कौन-कौन से कागज चाहिए, यह पॉलिसी और कंपनी की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
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ये कागज नहीं मिले तो बढ़ सकती है परेशानी - फोटो : AI Generated

 पीएफ और पेंशन से जुड़े कागज
अगर पति नौकरी करते थे तो ईपीएफओ से जुड़े दस्तावेज और यूएएन की जानकारी भी संभालकर रखें। पेंशन या दूसरी नौकरी से जुड़ी सुविधा होने पर संबंधित दस्तावेज भी काम आ सकते हैं। पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया मामले के अनुसार अलग हो सकती है।


 शादी का प्रमाण और नॉमिनी की जानकारी
कई मामलों में पत्नी को अपने रिश्ते का प्रमाण देना पड़ सकता है। इसलिए मैरिज सर्टिफिकेट उपलब्ध हो तो उसे सुरक्षित रखें। साथ ही यह भी पता रखें कि पति ने अलग-अलग खातों और पॉलिसियों में किसे नॉमिनी बनाया है। सबसे अच्छा तरीका है कि इन सभी जरूरी कागजों की एक फाइल बनाकर रखें और उनकी स्कैन कॉपी किसी सुरक्षित डिजिटल जगह पर भी रखें। साथ ही परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को यह जानकारी जरूर हो कि जरूरी दस्तावेज कहां रखे हैं। इससे अचानक जरूरत पड़ने पर कागज ढूंढने की परेशानी कम हो सकती है।

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