आज ख़ास

विज्ञापन

अपनी कविता साझा करें

लेकिन यह प्यार भी तो यहां

jagdish bhandari

Mere Alfaz
                                                                
                                                    कच्चे धागों से बंधा प्रेम का,
भाई-बहन का अटूट ये बंधन।
सावन मास में आता है यह,
पवित्र त्यौहार है रक्षाबंधन।

इस दिन थाल सजाकर बहना,
भाई को अपने तिलक लगाए।
कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर,
उसका वह मुं...और पढ़ें
3 hours ago

इस मुकाम पे हूं दुनिया को मेरे कदम गिनने तय हैं

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    उल्फ़त की जागीर मिली है,दुश्मन भी मिलने तय हैं
दिल में वो तूफान उठा है कुछ दरख़्त गिरने तय हैं
तू जाएगा जिधर, निगाहें कई ठहर तो जाएंगी
एक सुहानी हवा चली है पत्ते तो हिलने तय हैं
उजड़े चमन में ठहरी खिजाओं ने मुझको दी आवाजें...और पढ़ें
3 hours ago
विज्ञापन

हमार गऊंवा के माटी से सोना निकले

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हमार गऊंवा, स्वर्ग से सुंदर
सगरो संसार से सुंदर
अवनी अउर अंबर से सुंदर
अंदर से सुंदर
बहरी से सुंदर लागेला
जहां लोगवा, भोरे भोरे जागेला
उठते कमवा प लागेला
हमार गऊंवा के माटी से सोना निकले
हीरा, च...और पढ़ें
3 hours ago

दिल का गुबार निकल जाता है सुनाने से

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    फासले मिटते रहे दूर और जाने से
दूरियां बढ़ती रहीं जबकि पास आने से
जिस भी तारे को बहुत देर गौर से देखा
वही मुकरने लगा और झिलमिलाने से
आसमां से मोहब्बतें मेरी अच्छी न हुईं
बिजलियां गिराने लगा मेरे आशियाने पे
जो...और पढ़ें
3 hours ago
विज्ञापन

छोड़ के पीपल के छऊंवा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    छोड़ के गऊंवा
छोड़ के सुंदर ठउंवा
छोड़ के पीपल के छऊंवा
छोड़ के बैरिया बलिया
छोड़ के नदी नहर कुंआ
मत जा परदेश
सुंदर बा अपन देश
स्वर्ग बा अपन देश
कहां खईब धक्का हो?
ईहां के घरवा बा भले कच्...और पढ़ें
3 hours ago

सबकी निगाहें ही मुझ पर हैं

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    मुझपे तेरा इतना असर है
सबकी निगाहें ही मुझ पर हैं
चांदनी फैली है धरती पर
बिजली जैसी उजली डगर है
मैं परदेश में हूं लेकिन मन
रोज पहुंच जाता घर पर है
शोला,कौन है कौन है शबनम
तुझमें मुझमें क्या अन्तर है...और पढ़ें
3 hours ago

घनाघोर बारिस में ,छतरी बन बचना तुम।

Ritu Matawale

Mere Alfaz
                                                                
                                                    गर्दिश भरी तूफानों में,साथ नही छोड़ना तुम।
मेरे मन की हर भावो में,प्यार बनके रहना तुम।
साथ रहा परिवार रहा,साथी बनके रहना तुम।
जीवन का आधार रहा,सांसे बन कर चलना तुम।
पास नही हो कर भी ,अहसास बनके रहना तुम।
मेरे जीवन सा...और पढ़ें
3 hours ago

तब होगा एहसास

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    जिस दिन तुम्हारी बाहों में
इक ठंडक सी एहसास होगी
हर मौसम मनभावन होगी
ऋतुएँ हर मधुमास होगी
उस दिन से समझेंगे कि
हमको प्यार हुआ है....

प्रीत पुष्प हो प्रीत सुगंधि
प्रीत मधु का हो प्याला
प्और पढ़ें
3 hours ago

यूँ ही चले गए।

सुनील देव

Mere Alfaz
                                                                
                                                    कुछ लोग आए और आकर यूँ ही चले गए।।
बादल हवा के साथ मिलकर यूँ ही चले गए।।

आती रही सदाएं मुझे कई मील तक मगर,,
हादसें अपना हाल सुना कर यूँ ही चले गए।।

क्या हाल हो गया है दिल का तेरे बग़ैर देख,,
रातों की द...और पढ़ें
3 hours ago

उन वीरों को शत शत बार सलाम।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सबसे सुंदर है हमारा हिंदुस्तान
जिसके लिए दिए हम बलिदान
जिसके लिए हम सर कटाए
कर कटाए पर सर न झुकाए
जिसके लिए हम छोड़े गंगा के मैदान
जिसके लिए छोड़े हम खेत खलिहान
जिसके लिए हम लिए गीता का ज्ञान
जिसके लिए...और पढ़ें
3 hours ago
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

416 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

637 कविताएं

View Profile