कच्चे धागों से बंधा प्रेम का,
भाई-बहन का अटूट ये बंधन।
सावन मास में आता है यह,
पवित्र त्यौहार है रक्षाबंधन।
इस दिन थाल सजाकर बहना,
भाई को अपने तिलक लगाए।
कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर,
उसका वह मुं...और पढ़ें
उल्फ़त की जागीर मिली है,दुश्मन भी मिलने तय हैं
दिल में वो तूफान उठा है कुछ दरख़्त गिरने तय हैं
तू जाएगा जिधर, निगाहें कई ठहर तो जाएंगी
एक सुहानी हवा चली है पत्ते तो हिलने तय हैं
उजड़े चमन में ठहरी खिजाओं ने मुझको दी आवाजें...और पढ़ें
हमार गऊंवा, स्वर्ग से सुंदर
सगरो संसार से सुंदर
अवनी अउर अंबर से सुंदर
अंदर से सुंदर
बहरी से सुंदर लागेला
जहां लोगवा, भोरे भोरे जागेला
उठते कमवा प लागेला
हमार गऊंवा के माटी से सोना निकले
हीरा, च...और पढ़ें
फासले मिटते रहे दूर और जाने से
दूरियां बढ़ती रहीं जबकि पास आने से
जिस भी तारे को बहुत देर गौर से देखा
वही मुकरने लगा और झिलमिलाने से
आसमां से मोहब्बतें मेरी अच्छी न हुईं
बिजलियां गिराने लगा मेरे आशियाने पे
जो...और पढ़ें
छोड़ के गऊंवा
छोड़ के सुंदर ठउंवा
छोड़ के पीपल के छऊंवा
छोड़ के बैरिया बलिया
छोड़ के नदी नहर कुंआ
मत जा परदेश
सुंदर बा अपन देश
स्वर्ग बा अपन देश
कहां खईब धक्का हो?
ईहां के घरवा बा भले कच्...और पढ़ें
मुझपे तेरा इतना असर है
सबकी निगाहें ही मुझ पर हैं
चांदनी फैली है धरती पर
बिजली जैसी उजली डगर है
मैं परदेश में हूं लेकिन मन
रोज पहुंच जाता घर पर है
शोला,कौन है कौन है शबनम
तुझमें मुझमें क्या अन्तर है...और पढ़ें
गर्दिश भरी तूफानों में,साथ नही छोड़ना तुम।
मेरे मन की हर भावो में,प्यार बनके रहना तुम।
साथ रहा परिवार रहा,साथी बनके रहना तुम।
जीवन का आधार रहा,सांसे बन कर चलना तुम।
पास नही हो कर भी ,अहसास बनके रहना तुम।
मेरे जीवन सा...और पढ़ें
जिस दिन तुम्हारी बाहों में
इक ठंडक सी एहसास होगी
हर मौसम मनभावन होगी
ऋतुएँ हर मधुमास होगी
उस दिन से समझेंगे कि
हमको प्यार हुआ है....
प्रीत पुष्प हो प्रीत सुगंधि
प्रीत मधु का हो प्याला
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कुछ लोग आए और आकर यूँ ही चले गए।।
बादल हवा के साथ मिलकर यूँ ही चले गए।।
आती रही सदाएं मुझे कई मील तक मगर,,
हादसें अपना हाल सुना कर यूँ ही चले गए।।
क्या हाल हो गया है दिल का तेरे बग़ैर देख,,
रातों की द...और पढ़ें
सबसे सुंदर है हमारा हिंदुस्तान
जिसके लिए दिए हम बलिदान
जिसके लिए हम सर कटाए
कर कटाए पर सर न झुकाए
जिसके लिए हम छोड़े गंगा के मैदान
जिसके लिए छोड़े हम खेत खलिहान
जिसके लिए हम लिए गीता का ज्ञान
जिसके लिए...और पढ़ें