भारत और अमेरिका रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और स्वास्थ्य सेवा समेत कई क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के निवेश और संयुक्त पहल से कई बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को यह बात कही।
अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 साल पूरे होने के मौके पर कोलकाता में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें गोर ने दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी पर बात की। उन्होंने हाल ही में हुए सैन्य अभ्यास, रक्षा सहयोग और भारतीय व अमेरिकी कंपनियों के निवेश का जिक्र किया।
गोर ने कहा, भारत और अमेरिका के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। बहुत कुछ हो रहा है। आप किसी भी क्षेत्र को चुन लीजिए, हम उसमें मिलकर काम कर रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ रहा सहयोग
रक्षा क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए गोर ने कहा कि दोनों देशों ने राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर 'तरंग शक्ति' सैन्य अभ्यास किया था। इसमें 500 से अधिक सैनिकों ने हिस्सा लिया था।
आईटी और निवेश में दोनों देशों को अवसर
तकनीक और निवेश पर बात करते हुए अमेरिकी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों की कंपनियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। दोनों तरफ से निवेश किया जा रहा है। अमेरिका की कुछ कंपनियां भारत में बड़े उत्पादन केंद्र भी स्थापित कर रही हैं। गोर ने कहा, आईटी के विकास के क्षेत्र में दोनों तरफ शानदार काम हो रहा है। अमेरिका में निवेश हो रहा है। वहीं, हमारी कुछ कंपनियां भारत में बड़े उत्पादन केंद्र खोल रही हैं। यह एक शानदार अवसर है'।
बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं खरीदता है अमेरिका
गोर ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भारत की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने खास तौर पर अमेरिका को भारत से होने वाली जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति का जिक्र किया। जेनेरिक दवाएं ऐसी दवाएं होती हैं, जिनमें किसी ब्रांडेड दवा के समान सक्रिय औषधीय तत्व होते हैं। गोर ने कहा, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हम भारत से बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं आयात करते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हमें भारत पर भरोसा है।
अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई हालिया बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के संबंधों में आगे और घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। गोर ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते ही बातचीत की थी। इसलिए आगे क्या होता है, इस पर नजर बनाए रखिए।
कोलकाता -अमेरिका के पुराने संबंधों का भी किया जिक्र
गोर ने कोलकाता और अमेरिका के बीच पुराने संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने 1792 में बेंजामिन जॉय को कोलकाता में अमेरिका का पहला कौंसुल नियुक्त किया था। कार्यक्रम में कोलकाता में अमेरिका की महावाणिज्यदूत कैथी जाइल्स-डियाज ने भी बात रखी।
उन्होंने कहा, कोलकाता में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाना हमारे लिए गर्व की बात है। यह केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है। यह स्वतंत्रता, स्वशासन और एकता के उन मूल्यों को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है, जो अमेरिकी लोगों को एकजुट करते हैं। साथ ही, यह भारत और अमेरिका के बीच गहरे और लगातार मजबूत हो रहे संबंधों की भी याद दिलाता है। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद थे।