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'दिशा सही, पर रफ्तार बढ़ानी होगी': वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने बताई चुनौती; परियोजनाओं में देरी पर क्या कहा?

Wed, 07 Oct 2026 06:52 PM IST
शिवम गर्ग डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला,नई दिल्ली।

सार

वायुसेना दिवस से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन क्षमता बढ़ाने और परियोजनाओं में तेजी लाने की जरूरत है। ऑपरेशन सिंदूर में एकीकरण की रणनीति कारगर रही।
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एयर मार्शल एपी सिंह, वायुसेना प्रमुख - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बुधवार को कहा कि वायुसेना सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन इसकी रफ्तार मौजूदा स्तर से थोड़ी और तेज हो सकती है। उन्होंने तेजी से बदलती तकनीक के दौर में वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

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वायुसेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर दिल्ली के सुब्रतो पार्क स्थित एयर फोर्स ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल सिंह ने वायु योद्धाओं और पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में अधिक क्षमता, तेज गति से उपकरणों को शामिल करने और ज्यादा ‘कॉम्बैट मास’ की जरूरत है।

'सही दिशा में बढ़ रहे, लेकिन रफ्तार और तेज हो सकती है'
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय वायुसेना का फोकस ‘प्लेटफॉर्म-केंद्रित’ से ‘क्षमता-केंद्रित’ दृष्टिकोण की ओर बढ़ा है। साथ ही विभिन्न घटकों के बेहतर एकीकरण पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस रणनीति ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की। उनके मुताबिक, वायुसेना में क्षमताओं को बढ़ाने और दूसरे क्षेत्रों में भी प्रगति हो रही है, हालांकि कुछ परियोजनाओं में देरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन क्या हम सही गति से आगे बढ़ रहे हैं, यह सभी को तय करना है। हां, हम आज की तुलना में थोड़ी और तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।
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LCA Mk-1A परियोजना में देरी का भी जिक्र
वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में LCA Mk-1A परियोजना में हो रही देरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि बदलते सुरक्षा माहौल और तकनीकी जरूरतों के बीच वायुसेना के लिए नई क्षमताओं को तेजी से शामिल करना महत्वपूर्ण है।

ऑपरेशन से मानवीय सहायता तक बढ़ी भूमिका
एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि विभिन्न अभियानों ने वायुसेना की क्षमताओं की परीक्षा ली है, जबकि सैन्य अभ्यासों ने उसकी तैयारियों को और मजबूत किया है। मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के जरिए वायुसेना की भूमिका देश की सीमाओं से आगे तक पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा कि एयर डिप्लोमेसी के जरिए भारत ने दूसरे देशों के साथ अपनी साझेदारी को विस्तार दिया है।

इसी महीने रिटायर होंगे एपी सिंह
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह इसी महीने वायुसेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होंगे। उनके बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है।

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