अहमदाबाद में बुधवार को करीब 10 निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। धमकी फर्जी निकली। ईमेल में दिल्ली और अहमदाबाद के स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के दौरान धमाके की चेतावनी भी दी गई थी।
गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार को करीब 10 निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों में पहुंचकर जांच शुरू की। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों ने धमकी को फर्जी बताया है। पुलिस के मुताबिक, धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया था कि बुधवार सुबह इन स्कूलों में बम धमाके किए जाएंगे। ईमेल भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया था। हालांकि, जांच में अभी तक इस संगठन से धमकी का कोई संबंध सामने नहीं आया है।
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अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भी बम की धमकी
गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम को भी बम से उड़ाने की धमकी का ईमेल मिला। उस समय स्टेडियम में भारत अंडर-19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीमों के बीच मैच खेला जा रहा था। ईमेल में 21 नवंबर को गायक दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित कॉन्सर्ट के दौरान भी विस्फोट की धमकी दी गई थी। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए), जो स्टेडियम का संचालन करता है, को भेजे गए ईमेल में विशेष रूप से 21 नवंबर का उल्लेख किया गया था। उस दिन दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट स्टेडियम में प्रस्तावित है। ईमेल में 1 नवंबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया था।
मामले में पुलिस ने क्या कहा?
धमकी मिलने के बाद पुलिस के साथ बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और एंटी-सैबोटाज टीमों को स्कूलों में भेजा गया। टीमों ने स्कूल परिसरों की गहन तलाशी ली, लेकिन कहीं भी बम या कोई अन्य संदिग्ध सामान नहीं मिला। डीसीपी जोन-7 शिव वर्मा ने बताया कि करीब 10 स्कूलों को ईमेल भेजकर सुबह बम धमाके किए जाने की बात कही गई थी। पुलिस टीमों ने सभी स्कूलों की अच्छी तरह जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली।
दिल्ली और अहमदाबाद के स्टेडियम को भी धमकी
अधिकारियों के अनुसार, अहमदाबाद में इससे पहले भी कई स्कूलों, अदालतों और अन्य संस्थानों को इसी तरह की फर्जी बम धमकियां मिल चुकी हैं। फिलहाल पुलिस ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच कर रही है।