विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होने से डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया छोटी अवधि में 94.50 के स्तर तक जा सकता है। हालांकि, सरकार को देश में पूंजी प्रवाह को बढ़ाने के लिए संरचनात्मक उपाय करने होंगे। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 27 में बैलेंस-ऑफ-पेमेंट्स (बीओपी) अधिशेष कम होकर लगभग 55-60 अरब डॉलर रह सकता है और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सबसे मुश्किल हालात में भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए काफी है। रुपए को सपोर्ट करने के लिए, रिपोर्ट में उन मॉनेटरी और रेगुलेटरी कदमों के बारे में बताया गया जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने उठाए हैं, और साथ ही उन अतिरिक्त राजकोषीय और कर उपायों का भी जिक्र है जिन पर सरकार को निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए विचार करना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया कि अगर रुपए की लिक्विडिटी कम की जाती है, तो रुपए की आपूर्ति कम हो जाएगी। साथ ही, एमएसएफ रेट बढ़ाकर ऊपरी सीमा को बढ़ाने से रुपए की कीमत बढ़ जाएगी। इन उपायों से कम समय के लिए रुपए की वैल्यू को बचाया जा सकता है।
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कार्ल्सबर्ग को फैक्टरी बंद करने का आदेश
भारतीय बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही बीयर कंपनी कार्ल्सबर्ग इंडिया को बड़ा झटका लगा है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण मानकों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कंपनी की अलवर स्थित बीयर फैक्टरी को बंद करने का आदेश दिया है। बोर्ड के मुताबिक, फैक्टरी से निकलने वाले कणों का उत्सर्जन तय सीमा से करीब आठ गुना अधिक पाया गया। बोर्ड ने फैक्टरी संचालन की अनुमति भी वापस ले ली है और बिजली वितरण कंपनी को वहां बिजली आपूर्ति काटने का निर्देश दिया है।
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एचसीएल टेक का शुद्ध लाभ 21 फीसदी बढ़ा
आईटी कंपनी एचसीएल टेक का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 21.18% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 4,235 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी की आय 11.5 फीसदी बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 31,942 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने प्रति शेयर 12 रुपये लाभांश का भी एलान किया है। इसके लिए निवेशकों की पात्रता तय करने की रिकॉर्ड डेट 16 अक्तूबर, 2026 तय की गई है। लाभांश के भुगतान की तिथि 26 अक्तूबर है।
सीमेंट की बोरी 15 रुपये तक महंगी होने के आसार
घर बनाना जल्द महंगा हो सकता है। सीमेंट कंपनियां अक्तूबर के मध्य से प्रति बोरी 10 से 15 रुपये तक दाम बढ़ा सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन और अन्य कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। पिछले छह-सात महीनों से ईंधन की ऊंची कीमतें सीमेंट कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उधर, सीमेंट की खपत में बढ़ोतरी बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सीमेंट की बिक्री सालाना आधार पर 8% बढ़ सकती है।
मूल देश के आधार पर यूएस में भेदभाव नहीं: टीसीएस
देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मानना है कि अमेरिका किसी भी टेक कंपनी को उसके मूल देश (डोमिसाइल) के आधार पर निशाना नहीं बना रहा है। पिछले हफ्ते स्थायी लेबर सर्टिफिकेशन (ग्रीन कार्ड) प्रोग्राम से टीसीएस समेत आठ बड़ी कंपनियों को निलंबित किए जाने का फैसला केवल राजनीतिक कारणों से लिया गया है। टीसीएस के सीईओ-एमडी के कृतिवासन ने स्पष्ट किया कि इसका कंपनी के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कृतिवासन ने बताया कि टीसीएस अमेरिकी वीजा पर बहुत कम निर्भर है। कंपनी मांग के अनुसार ही कर्मचारियों को अमेरिका भेजती है। पिछले साल में टीसीएस ने महज 10 के करीब ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किए थे। कंपनी के कुल एच-1बी वीजा आवेदन 300 से भी कम रहे हैं। इनमें से अधिकांश एच-1बी आवेदन उन लोगों के थे जो पहले से ही अमेरिका में मौजूद थे। अमेरिका में टीसीएस के 30,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें से 50 फीसदी से अधिक स्थानीय नागरिक हैं।
आईपीओ से कंपनियां जुटाएंगी 6,339 करोड़
घरेलू शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में दिवाली से पहले भारी हलचल देखने को मिलने वाली है। 15 अक्तूबर को तीन प्रमुख कंपनियां जेटवर्क, टोनबो इमेजिंग और सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (एसएमटी) अपना आईपीओ लॉन्च करने जा रही हैं। इनके जरिये बाजार से लगभग 6,339 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। तीनों आईपीओ 19 अक्तूबर को बंद होंगे। रक्षा प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी टोनबो इमेजिंग और हार्ट के स्टेंट बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) हैं, यानी कंपनियों को नई पूंजी नहीं मिलेगी। मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलेंगे। वहीं, तकनीकी विनिर्माण कंपनी जेटवर्क का आईपीओ फ्रेश इश्यू और ओएफएस का संयोजन है। फ्रेश इश्यू का अर्थ है कि कंपनी बाजार में नए शेयर जारी करेगी। एसएमटी- जेटवर्क के शेयर 23 अक्तूबर को बीएसई एवं एनएसई पर लिस्टिंग के लिए प्रस्तावित हैं।
भारत दुनिया का तेजी से बढ़ता इस्पात बाजार
भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता प्रमुख इस्पात बाजार बनकर उभरा है। 2026 में यहां इस्पात की मांग 7.9 फीसदी बढ़कर 17.24 करोड़ टन होने का अनुमान है। साथ ही, 2027 में इस्पात की मांग आठ फीसदी बढ़कर 18.62 करोड़ टन तक पहुंचने की उम्मीद है। वैश्विक उद्योग निकाय वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन की ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। संगठन ने अनुमान जताया कि 2026 में वैश्विक स्तर पर इस्पात की मांग 172.2 करोड़ टन पर लगभग स्थिर रहेगी, जिसके बाद 2027 में यह 1.7% की वृद्धि के साथ 175.2 करोड़ तक पहुंच जाएगी। बेल्जियम स्थित उद्योग निकाय ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े इस्पात उत्पादक देश चीन में 2026 के दौरान मांग में 2% की गिरावट आने की आशंका है। वर्ष 2027 में चीन में गिरावट कम होकर एक फीसदी रह सकती है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र भारत में व्यापक वृद्धि की प्रमुख वजह बना हुआ है।