विदेश: एक दशक से शब्बीर का कोई सुराग नहीं, बलूच छात्र संगठन ने संयुक्त राष्ट्र से मांगी मदद
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की आव्रजन कार्रवाई के तहत एसवातिनी भेजे गए लाओस के नागरिक फोन चोमसावन को रविवार को एक साल से अधिक समय बाद अधिकतम सुरक्षा वाली जेल से रिहा कर दिया गया। उनके वकील टिन थान गुयेन के अनुसार, चोमसावन को जुलाई 2025 में चार अन्य प्रवासियों के साथ एसवातिनी भेजा गया था, जबकि उनका इस अफ्रीकी देश से कोई संबंध नहीं था। उन्हें सैन्य मालवाहक विमान से वहां पहुंचाए जाने से कुछ समय पहले ही बताया गया था कि उन्हें एसवातिनी भेजा जा रहा है। वकील के मुताबिक, चोमसावन अब लाओस भेजे जा रहे हैं और एसवातिनी से निकलकर जोहान्सबर्ग पहुंच चुके हैं। पांचों प्रवासियों ने अमेरिका में गंभीर अपराधों की सजा पूरी कर ली थी। मानवाधिकार समूह ह्यूमन राइट्स फर्स्ट के अनुसार, तीसरे देश भेजने की इस योजना के तहत करीब 500 प्रवासियों को उनके मूल देशों के अलावा अफ्रीकी देशों में भेजा गया है। एसवातिनी को 5.1 करोड़ डॉलर का भुगतान किया गया।
ईरान की दो-टूक, सात शर्तें पूरी हों तभी खुलेगा होर्मुज; गालिबाफ क्या बोले?
अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज को लेकर सख्त टिप्पणी की है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ जून में हुए अंतरिम समझौते में तय सात शर्तें पूरी होने तक होर्मुज को दोबारा नहीं खोला जाएगा। गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान को अपने कूटनीतिक प्रस्ताव पर वाशिंगटन का जवाब मिले कुछ दिन हो चुके हैं। गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से कुछ और कहता है, जबकि हाल में उसने मध्यस्थ के जरिये प्रस्ताव भेजे हैं। अब प्रक्रिया को लंबा खींचने और एकतरफा मांगें थोपने का दौर खत्म हो चुका है। ईरान का रुख स्पष्ट है। इस्लामाबाद में हुए समझौते के आधार पर तय सात शर्तें पूरी होने के बाद ही होर्मुज को जहाजों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलमार्ग में एक बार फिर मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया। मिसाइल या रॉकेट से किए गए हमले में जहाज के इंजन कक्ष को नुकसान पहुंचा। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन संगठन ने रविवार को यह जानकारी दी। संगठन ने घटना का समय नहीं बताया। उसके अनुसार, जहाज का चालक दल सुरक्षित है। इससे पहले शनिवार को होर्मुज में एक तेल टैंकर पर हमले के बाद जहाज पर सवार पांच भारतीय चालक दल को सुरक्षित निकाला गया था।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओपनएआई के सेफ्टी सिस्टम्स टीम के प्रमुख डेविड रॉबिन्सन ने पद से इस्तीफा दे दिया है। रॉबिन्सन ने जाते-जाते कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होेंने इस्तीफे के साथ ही एक लेख भी लिखा, जिसमें उन्होेंने कहा कि एआई कंपनियां नई और शक्तिशाली तकनीकों को विकसित करने में बिल्कुल भी सावधानी नहीं बरत रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई के मामले में गलतियां करके सीखने का दौर अब खत्म हो चुका है, क्योंकि अब एक छोटी सी विफलता भी विनाशकारी हो सकती है। रॉबिन्सन ने आरोप लगाया कि सिलिकॉन वैली और ओपनएआई में बिना सोचे-समझे केवल आगे बढ़ने का एक 'अंधा आशावाद' चल रहा, जो इस खतरनाक तकनीक के लिए एक असुरक्षित माहौल तैयार कर रहा है। रॉबिन्सन ने कहा कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स स्वायत्त हो रहे हैं, उनके लिए विमानन या परमाणु संयंत्रों जैसी सख्त और बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणालियां अपनाई जानी चाहिए। ओपनएआई ने पिछले कुछ वर्षों में जितने भी 12 बड़े फ्रंटियर मॉडल लॉन्च किए, उन सभी के साथ जारी होने वाली सिस्टम कार्ड को लिखने का नेतृत्व डेविड रॉबिन्सन ने ही किया था।
नेपाली कांग्रेस का 15वां महाधिवेशन रविवार से काठमांडो के खुलामंच में शुरू हो गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पार्टी के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने कहा कि यह महाधिवेशन कांग्रेस की नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि महाधिवेशन के बाद पार्टी अधिक मजबूत, ऊर्जावान व नई पीढ़ी की भावनाओं को समेटकर आगे बढ़ेगी। पार्टी सभापति गगन थापा ने महाधिवेशन में पेश किए जाने वाले राजनीतिक प्रतिवेदन में कांग्रेस के राजनीतिक, वैचारिक, सांगठनिक और आर्थिक रूपांतरण के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। प्रतिवेदन में पार्टी के अतीत की समीक्षा करते हुए स्वीकार किया गया है कि सत्ता, पद, गुट और पहुंच केंद्रित राजनीति के कारण कांग्रेस और जनता के बीच दूरी बढ़ी है। पार्टी को नई राजनीतिक संस्कृति और कार्यशैली के साथ आगे बढ़ाने का प्रस्ताव प्रतिवेदन में किया गया है।
शब्बीर बलूच के लापता होने के 10 साल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तलाश की अपील
बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन-आजाद ने छात्र नेता शब्बीर बलूच का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन के मुताबिक, 4 अक्टूबर 2016 को बलूचिस्तान के केच जिले से पाकिस्तानी सुरक्षा बल उन्हें उनकी पत्नी के सामने ले गए थे। इसके बाद से परिवार को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मिली। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकायों से पाकिस्तानी अधिकारियों पर दबाव बनाने और शब्बीर समेत अन्य कथित लापता राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। मानवाधिकार संगठनों ने भी उनके परिवार को जानकारी और न्याय देने की अपील की है।
नाइजीरिया में 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य विमान क्रैश, नदी के पास गिरा
केन्या में कांगो से आया इबोला का पहला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार, कांगो से युगांडा के रास्ते शनिवार को केन्या पहुंचे एक नागरिक में इबोला संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसे नैरोबी के एक अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था, लेकिन सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने मरीज के संपर्क में आए 28 लोगों की पहचान की है। इनमें परिवार के सदस्य और मरीज का इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। जिस विमान से मरीज युगांडा से केन्या पहुंचा था, उसमें यात्रा करने वाले 23 अन्य यात्रियों का भी पता लगाया जा रहा है। संपर्क में आए लोगों को 21 दिनों तक अलग रखा जाएगा। केन्या मौजूदा इबोला प्रकोप में मामला दर्ज करने वाला चौथा देश है।
बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने बताया कि देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र में दो वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन से हमला किया गया। यह हमला बुल्गारिया के तट से करीब 128 किलोमीटर दूर हुआ। प्रधानमंत्री के अनुसार, कई ड्रोन ने दोनों जहाजों को निशाना बनाया। टोगो के झंडे वाला ‘अल्फा वातन’ जहाज हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर समुद्र में डूब गया। जहाज के चालक दल के सदस्यों के बारे में तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं पलाऊ के झंडे वाला दूसरा जहाज ‘एबल’ भी हमले के बाद आग की चपेट में आ गया। उसके सभी 18 चालक दल सदस्यों को बुल्गारिया की एक नौका ने सुरक्षित निकाल लिया। इनमें से दो नाविक गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें वरना शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले में इस्तेमाल ड्रोन कहां से आए, इसका तत्काल पता नहीं चल सका। यह बुल्गारिया के ब्लैक सी आर्थिक क्षेत्र में जहाजों पर पहला ऐसा हमला बताया गया है।
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को आतंकियों ने चार कस्टम अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों के अनुसार, कस्टम विभाग के कर्मचारी डेरा इस्माइल खान जिले में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। गोलीबारी में चार अधिकारियों की मौत हो गई। मृतकों के शवों को अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में अलग-अलग तीन स्थानों पर हमले की घटनाएं सामने आईं। इनमें कस्टम अधिकारियों के अलावा राजस्व बोर्ड के कर्मचारियों और ट्रैफिक पुलिस को भी निशाना बनाया गया। एक बाईपास के पास ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी पर भी गोलीबारी हुई, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए। अभी किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।