{"_id":"6ac6b0e1cf03258e9e0d15f0","slug":"world-updates-fbi-says-it-thwarted-attack-on-mall-of-america-by-teen-it-supplied-with-assault-rifle-2026-10-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"विदेश के समाचार: एफबीआई की सतर्कता से टली बड़ी मुसीबत, मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश नाकाम","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
विदेश के समाचार: एफबीआई की सतर्कता से टली बड़ी मुसीबत, मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश नाकाम
Thu, 08 Oct 2026 02:21 AM IST
नितिन गौतम
पीटीआई
पीटीआई
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : amar ujala graphics
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने बुधवार को दावा किया कि उसने मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि एफबीआई के एजेंट ही आईएसआईएस के आतंकी बनकर आरोपी किशोर के संपर्क में थे। एजेंट्स ने ही किशोर के कहने पर हमले की योजना बना रहे किशोर को असॉल्ट राइफल मुहैया कराई थी। हालांकि हमले को अंजाम देने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एफबीआई ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि 18 वर्षीय युवक करीब दो साल से जांच के दायरे में था और इस दौरान वह एफबीआई के एक गोपनीय मुखबिर के साथ लगातार संपर्क में था। बाद में एजेंटों ने उसे राइफल और गोला-बारूद बेचने का प्रस्ताव दिया। अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल रोसेन ने एफबीआई की जांच की सराहना करते हुए कहा, 'यह एक कट्टरपंथी विचारों वाला युवक था, जिस पर नजर रखने की जरूरत थी।'
उन्होंने कहा कि एजेंटों ने 'खतरे का पता लगाने और उसे रोकने में सफलता हासिल की, इससे पहले कि आरोपी अपनी उस मंशा को अंजाम दे पाता, जिसके तहत, उसके अपने शब्दों में, वह 30 से 60 लोगों की हत्या करना चाहता था।' शिकायत के अनुसार, 18 वर्षीय शेखदून अब्दुल्लाही मोहम्मद को मंगलवार को मॉल ऑफ अमेरिका से कई मील उत्तर-पश्चिम में रिचफील्ड के एक सार्वजनिक पार्क से गिरफ्तार किया गया। उसने आईएसआईएस के सदस्य के रूप में खुद को पेश कर रहे एफबीआई के एक अंडरकवर एजेंट को AK-47 राइफल और 200 राउंड गोलियां खरीदने के लिए 600 अमेरिकी डॉलर दिए थे।
विज्ञापन
शिकायत में कहा गया है कि एफबीआई के एक गोपनीय सूत्र के साथ टेक्स्ट संदेशों में मोहम्मद ने गैर-मुस्लिम लोगों की हत्या के लिए हमला करने की अपनी मंशा बार-बार जाहिर की थी।
विज्ञापन
एफबीआई ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि 18 वर्षीय युवक करीब दो साल से जांच के दायरे में था और इस दौरान वह एफबीआई के एक गोपनीय मुखबिर के साथ लगातार संपर्क में था। बाद में एजेंटों ने उसे राइफल और गोला-बारूद बेचने का प्रस्ताव दिया। अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल रोसेन ने एफबीआई की जांच की सराहना करते हुए कहा, 'यह एक कट्टरपंथी विचारों वाला युवक था, जिस पर नजर रखने की जरूरत थी।'
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एजेंटों ने 'खतरे का पता लगाने और उसे रोकने में सफलता हासिल की, इससे पहले कि आरोपी अपनी उस मंशा को अंजाम दे पाता, जिसके तहत, उसके अपने शब्दों में, वह 30 से 60 लोगों की हत्या करना चाहता था।' शिकायत के अनुसार, 18 वर्षीय शेखदून अब्दुल्लाही मोहम्मद को मंगलवार को मॉल ऑफ अमेरिका से कई मील उत्तर-पश्चिम में रिचफील्ड के एक सार्वजनिक पार्क से गिरफ्तार किया गया। उसने आईएसआईएस के सदस्य के रूप में खुद को पेश कर रहे एफबीआई के एक अंडरकवर एजेंट को AK-47 राइफल और 200 राउंड गोलियां खरीदने के लिए 600 अमेरिकी डॉलर दिए थे।
विज्ञापन
शिकायत में कहा गया है कि एफबीआई के एक गोपनीय सूत्र के साथ टेक्स्ट संदेशों में मोहम्मद ने गैर-मुस्लिम लोगों की हत्या के लिए हमला करने की अपनी मंशा बार-बार जाहिर की थी।