फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US proposes USD 70,000 fee for international students seeking OPT jobs

अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए नया प्रस्ताव: नौकरी के लिए 70 हजार डॉलर फीस; भारतीयों की बढ़ेगी मुश्किल?

Thu, 08 Oct 2026 01:12 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 08 Oct 2026 01:12 AM IST
विज्ञापन
US proposes USD 70,000 fee for international students seeking OPT jobs
अमेरिका में डर में जी रहे भारतीय छात्र - फोटो : एएनआई
अमेरिका ने बुधवार को एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में काम करने के इच्छुक विदेशी छात्रों के लिए 70 हजार अमेरिकी डॉलर का शुल्क रखा जा सकता है। इस कदम का असर अमेरिका में उच्च शिक्षा लेने की इच्छा रखने वाले भारतीय युवाओं पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन


अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग यानी डीएचएस ने एक नियम का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत किसी छात्र के पहली बार ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) में शामिल होने पर शिक्षण संस्थान को 70 हजार डॉलर का शुल्क देना होगा। इसके बाद हर बार ओपीटी के नवीनीकरण के लिए स्कूल को 30 हजार डॉलर का शुल्क देना होगा। 
विज्ञापन


ओपीटी के तहत कितने समय काम मिलेगा?
ओपीटी कार्यक्रम के तहत छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल तक काम करने की अनुमति होती है। ओपीटी के तहत की जाने वाली नौकरी छात्र की पढ़ाई से जुड़े क्षेत्र में होनी चाहिए। विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी एसटीईएम विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्र तीन साल तक काम कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह कदम ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में विदेशी छात्रों को लेकर एक वर्ग में काफी नाराजगी है। इन छात्रों पर अमेरिकी लोगों की नौकरियां लेने का आरोप लगाया जाता है।

अमेरिका में सबसे ज्यादा भारतीय छात्र
अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भारत सबसे बड़ा स्रोत रहा है। 2024-25 के शैक्षणिक वर्ष में 3.63 लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों ने अलग-अलग पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया था। कॉमन एप की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने 2025-26 की शरद ऋतु में स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया। 2026-27 में यह योगदान 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

ये भी पढ़ें: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले बढ़े: तेल ठिकाने भी निशाने पर; होर्मुज के वैकल्पिक मार्ग पर भी खतरा?

विदेशी छात्रों की संख्या में आई कमी?
एनएएफएसए और रिसर्च फर्म जेबी इंटरनेशनल के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के संस्थानों में दाखिला लेने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या घटी है। 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष में यह संख्या अनुमानित 11.69 लाख थी। इस साल यह घटकर 10.57 लाख रह गई है।

फीस को लेकर गृह सुरक्षा विभाग ने क्या कहा?
डीएचएस ने एक बयान में कहा कि यह फीस वीजा कार्यक्रम में सामने आई धोखाधड़ी और दुरुपयोग के जवाब में प्रस्तावित की गई है। विभाग ने इसे 'सस्ते विदेशी श्रम की आपूर्ति का रास्ता' बताया। इस प्रस्ताव पर जनता को अपनी राय देने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद डीएचएस इसे अंतिम रूप देकर लागू कर सकता है।

हालांकि, प्रस्ताव को कानूनी चुनौती भी मिल सकती है। उच्च शिक्षा से जुड़े संगठन या कारोबारी संगठन इसके खिलाफ अदालत जा सकते हैं। इससे नियम लागू होने में देरी हो सकती है।

डीएचएस ने ओपीटी को लेकर क्या कहा?
डीएचएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ओपीटी कार्यक्रम कभी भी अमेरिकी कार्यबल में पीछे के रास्ते से प्रवेश देने के लिए नहीं बनाया गया था। उन्होंने कहा कि यह सस्ते श्रम के लिए मदद या व्यवस्था का गलत फायदा उठाने वालों के लिए इनाम भी नहीं था।


प्रवक्ता ने कहा कि डीएचएस ओपीटी में बदलाव कर रहा है। अब विदेशी छात्रों को नियोक्ताओं के सामने अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कर्मचारियों को ऐसे कार्यक्रम से मुकाबला नहीं करना चाहिए, जिसे सस्ते विदेशी श्रम की सप्लाई का रास्ता बना दिया गया है।

नियमों के दुरुपयोग का आरोप
गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि यह प्रस्ताव छात्र और विनिमय आगंतुक कार्यक्रम में सामने आई धोखाधड़ी और नियमों के गलत इस्तेमाल के बाद लाया गया है।

विभाग के अनुसार, वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण में छात्रों की भागीदारी बढ़ने के साथ कई गड़बड़ियां सामने आईं। इसमें स्कूल, स्कूल अधिकारी, नियोक्ता और एफ-1 वीजा वाले छात्रों पर मौजूदा नियमों का गलत फायदा उठाने का आरोप है।

विभाग ने कहा कि कुछ मामलों में संदिग्ध कार्यस्थलों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, पैसे देकर वीजा जारी रखने जैसी व्यवस्थाएं भी सामने आईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed