फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   flavio-bolsonaro-and-family-us-visa-brazil-election-loss-investigation-corruption-surrender-passport

फ्लावियो बोल्सोनारो को मिलेगा अमेरिकी वीजा: ट्रंप सरकार का एलान, चुनाव हारने के बाद क्या छोड़ा ब्राजील?

Wed, 28 Oct 2026 07:31 AM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 28 Oct 2026 07:31 AM IST
सार

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लूला दा सिल्वा से हारने के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को अमेरिका का वीजा देने की घोषणा की गई है। इस बीच, फ्लावियो को अपने नियमित और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने का आदेश मिला था। उनके खिलाफ ब्राजील में भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोपों की जांच चल रही है।

विज्ञापन
flavio-bolsonaro-and-family-us-visa-brazil-election-loss-investigation-corruption-surrender-passport
फ्लावियो बोल्सोनारो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से हारने के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को अमेरिका का वीजा दिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन


अधिकारी ने वीजा से जुड़ी गोपनीयता संबंधी कानूनी प्रावधानों के कारण नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, “विदेश मंत्रालय फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करेगा और उन्हें अमेरिका में प्रवेश की अनुमति देगा।” 
विज्ञापन

हालांकि, अधिकारी ने यह नहीं बताया कि फ्लावियो ब्राजील छोड़ चुके हैं या उनका परिवार अमेरिका के लिए रवाना हो चुका है।

पासपोर्ट जमा करने का मिला था आदेश
फ्लावियो बोल्सोनारो को भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोपों से जुड़े मामलों में जांच का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपना नियमित और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया था। मंगलवार दोपहर 12 बजे तक पासपोर्ट जमा करने की समयसीमा थी। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने आदेश का पालन किया या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


फ्लावियो ने कहा था कि उनका देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा, “मैंने कभी देश छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। मैं अपने पासपोर्ट सौंप दूंगा और इस असंगत कार्रवाई के खिलाफ अपना बचाव करूंगा। यह मुझे डराने की स्पष्ट कोशिश है, लेकिन मैं चुप नहीं रहूंगा।”

ट्रंप से रहे हैं करीबी संबंध
फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अप्रत्यक्ष समर्थन मिला था। वह मई में व्हाइट हाउस भी गए थे। उनके भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो टेक्सास में रहते हैं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चुनाव हारने की स्थिति में फ्लावियो को ब्राजील छोड़ देना चाहिए।

एडुआर्डो को जून में अमेरिकी प्रशासन के समक्ष अवैध तरीके से पैरवी करने के मामले में उनकी अनुपस्थिति में दोषी ठहराया गया था और चार साल जेल की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में उनकी गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया गया। ट्रंप ने लूला के खिलाफ चुनाव लड़ रहे फ्लावियो का खुलकर समर्थन नहीं किया था। हालांकि, सोमवार को उन्होंने बिना कोई सबूत दिए ब्राजील के चुनाव को “फिक्स” बताया।

चुनाव परिणाम रद्द कराने की मांग
फ्लावियो ने चुनाव परिणाम आने के बाद इसे रद्द करने की मांग की थी। कुछ मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था के कारण अधिकारियों को मतदान का समय दो घंटे बढ़ाना पड़ा था। सोमवार को उन्होंने चुनावी अदालत से कथित धांधली की जांच करने और लूला तथा उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की। चुनावी अदालत ने पहले कभी इस तरह की मांग स्वीकार नहीं की है।

चुनाव परिणामों के मुताबिक, 81 वर्ष के लूला को छह करोड़ 40 लाख से अधिक वोट मिले, जबकि फ्लावियो को छह करोड़ से कम वोट मिले। दोनों के बीच अंतर करीब चार प्रतिशत रहा। चुनाव परिणामों को आधिकारिक रूप से प्रमाणित करने की समयसीमा 18 दिसंबर है। परिणाम पलटने के लिए फ्लावियो को कथित धांधली के ऐसे सबूत देने होंगे, जो लूला की 44 लाख वोटों की बढ़त को प्रभावित करते हों। इसके लिए उन्हें आठ सदस्यीय चुनावी अदालत को भी संतुष्ट करना होगा।

भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जांच
ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट में फ्लावियो के खिलाफ दो मामलों में जांच चल रही है। इनमें भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोप शामिल हैं। एक मामले में उन पर सरकारी पेंशन पाने वाले बुजुर्गों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के जरिए मिली रकम को खेल सट्टेबाजी कंपनी के माध्यम से सफेद करने का आरोप है। दूसरे मामले में उन पर एक विवादित बैंकर से लाखों डॉलर लेने का आरोप है।

फ्लावियो ने दोनों मामलों में किसी भी गलत काम से इनकार किया है। उन्होंने जांच का नेतृत्व कर रहे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोरेस पर लूला का सहयोगी होने का आरोप भी लगाया है। अभियोजकों को संदेह है कि बैंकर से मिली रकम का इस्तेमाल फ्लावियो के भाई एडुआर्डो के खर्चों और ट्रंप प्रशासन के सामने फ्लावियो के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। दस्तावेजों में इस संदेह का उल्लेख है।

फ्लावियो के ठिकाने को लेकर अटकलें
चुनाव में हार के बाद ब्राजील में सोशल मीडिया पर लोग फ्लावियो के ठिकाने के बारे में सवाल पूछ रहे थे। राजधानी ब्रासीलिया में उनके घर के बाहर पत्रकार जमा हुए, लेकिन वह सामने नहीं आए। अर्जेंटीना के सुरक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि फ्लावियो अर्जेंटीना पहुंच गए हैं। ब्राजील के मीडिया संस्थानों ने बताया कि उनके कई सहयोगियों का भी उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था।

फ्लावियो की लिबरल पार्टी के सांसद मौरिसियो मारकॉन ने भी न्यायाधीश डी मोरेस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के सात मिनट बाद ही पासपोर्ट जब्त करने का आदेश दे दिया गया था। मारकॉन ने कहा कि फ्लावियो एक स्वतंत्र देश में उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और उनके नेता बने रहेंगे।


फ्लावियो ने सोमवार को वीडियो संदेश में कहा था कि वह ब्राजील छोड़ने के बजाय कांग्रेस में अपने सहयोगियों के बीच चुनाव परिणामों के खिलाफ विपक्ष को संगठित करने की कोशिश कर रहे हैं। सीनेटर के रूप में उनका आठ साल का कार्यकाल 31 जनवरी 2027 को समाप्त होगा। इसके बाद उन्हें ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट में मिलने वाला विशेष न्यायिक अधिकार क्षेत्र भी नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed