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अफगानिस्तान में भूकंप के झटके: रिक्टर स्केल पर 5.5 रही तीव्रता; 129 किमी गहराई में था केंद्र
Sun, 25 Oct 2026 11:45 PM IST
शिवम गर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:45 PM IST
सार
अफगानिस्तान में रविवार रात 11:14 बजे 5.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से 129 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
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earthquake भूकंप
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अफगानिस्तान में रविवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई। भूकंप भारतीय समयानुसार रात 11 बजकर 14 मिनट 22 सेकंड पर आया।
129 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में 36.157 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.240 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई जमीन से 129 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। भूकंप की तीव्रता 5.5 होने के कारण यह क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूकंपीय घटना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी तरह के जान-माल के नुकसान या अन्य प्रभावों का विवरण नहीं दिया गया है।
हिंदू कुश क्षेत्र में भी 5.2 तीव्रता का भूकंप
अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 110 किलोमीटर की गहराई में था। EMSC ने पहले भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 5.2 कर दिया।
क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।
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129 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में 36.157 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.240 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई जमीन से 129 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। भूकंप की तीव्रता 5.5 होने के कारण यह क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूकंपीय घटना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी तरह के जान-माल के नुकसान या अन्य प्रभावों का विवरण नहीं दिया गया है।
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EQ of M: 5.5, On: 25/10/2026 23:14:22 IST, Lat: 36.157 N, Long: 71.240 E, Depth: 129 Km, Location: Afghanistan. For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @tummalasrini @GSuresh_NCS @ndmaindia https://t.co/XqbjWmfAac
विज्ञापन विज्ञापन— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) October 25, 2026
हिंदू कुश क्षेत्र में भी 5.2 तीव्रता का भूकंप
अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 110 किलोमीटर की गहराई में था। EMSC ने पहले भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 5.2 कर दिया।
क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।