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Kurukshetra: Agriculture Minister Shyam Singh Rana urged farmers to cultivate pulses alongside wheat to achieve self-reliance; he also called upon them to harvest the paddy crop only after it has fully ripened.
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कुरुक्षेत्र: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा- गेहूं के साथ दलहन की खेती भी करें किसान, तभी बन पाएंगे आत्मनिर्भर, धान की फसल पकने पर ही कटाई करने का किया आह्वान
हमें अपने देश को 2047 तक पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना है और इसमें कृषि का अहम योगदान रहने वाला है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए किसानों को गेहूं के साथ-साथ दलहनों की भी खेती को बढ़ावा देना चाहिए।
यह आह्वान कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किया। वे सोमवार को पार्टी जिला कार्यालय पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब धान का सीजन शुरू होने वाला है, जिसके लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी है। अनाजमंडियों में किसान किसान अपनी फसल को सुखाकर लाएं तो उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। धान की फसल में निर्धारित मात्रा 17 प्रतिशत नमी का खरीद किया जाता है। सरकार पूरी तरह से किसान और आढ़तियों के साथ खड़ी है।
कृषि मंत्री ने कहा कि गेहूं की फसल को सरकार खरीदती है और धान की फसल को राइस मिलों से चावल बनवाकर लिया जाता है। फसल खरीद का कार्य केंद्र सरकार और मैनेजमेंट का कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में किसान धान की फसल को हाथ से कटवाते थे, इस प्रक्रिया में करीब 20 दिन से एक महीने बाद ही फसल मंडियों में आती थी। अब कंबाइन से कटाई और आधे घंटे बाद मंडी में फसल पहुंच जाती है। ऐसे में धान की फसल में नमी की मात्रा ज्यादा होती है।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राइस मिल से प्रति क्विंटल 67 किलोग्राम चावल लिया जाता है। यदि धान में नमी ज्यादा होगी तो सूखने के बाद चावल की प्रति क्विंटल 67 किलोग्राम में घटौती होगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 प्रतिशत योगदान कृषि क्षेत्र का रखा है। यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब किसान सभी फसलों को अपने ही देश में पैदा करेंगे और देश को विदेशों से किसी भी खाद्य सामग्री का आयात न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया गया है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये की वार्षिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। अब तक चार लाख 50 हजार करोड़ रुपये की किसान सम्मान निधि दी जा चुकी है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत 4 करोड़ 20 लाख किसानों को लाभ मिला है। इस दौरान चेयरमैन गुरनाम सैनी, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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