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Uttarkashi News: पुरोला में भूकंप का सायरन बजते ही मची अफरा-तफरी
Sat, 31 Oct 2026 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 31 Oct 2026 06:16 PM IST
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लाइव मॉक ड्रिल में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी
पुरोला। भूकंप का सायरन बजते ही अफरा-तफरी मच गई। कहीं इमारतों में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश हुई तो कई आग में फंसे स्कूली बच्चों को बचाने के लिए राहत दल दौड़ पड़े। भूस्खलन से रास्ता बंद होने पर मलबा और पेड़ हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। यह नजारा शनिवार को भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील पुरोला में आयोजित आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल का था जहां प्रशासन ने वास्तविक आपदा जैसी स्थिति बनाकर तैयारियों को परखा।
अभ्यास के दौरान सुबह 9:30 बजे 6.0 तीव्रता के भूकंप का परिदृश्य तैयार किया गया। इसका केंद्र कुरूड़ा और ढकाड़ा क्षेत्र में जमीन से चार किलोमीटर नीचे दर्शाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य विभागों की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। राजकीय महाविद्यालय में दो कक्षों के क्षतिग्रस्त होने और 15 लोगों के घायल होने का दृश्य बनाया गया।
बचाव दलों ने घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय की रसोई में आग लगने और 20 छात्र-छात्राओं के फंसने की स्थिति बनाई गई। इनमें दो छात्रों के हाथ झुलसने का भी अभ्यास कराया गया। सभी को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ विद्यालय मार्ग पर भूस्खलन से गिरे पेड़ को हटाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई की गई।
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मॉक ड्रिल प्रभारी एवं एसडीएम मुकेश रमोला ने बताया कि अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा के समय त्वरित राहत, बचाव और विभागों के बीच बेहतर समन्वय करना है। इस दौरान तहसीलदार कमल सिंह राठौर सहित कई मौजूद रहे।
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पुरोला। भूकंप का सायरन बजते ही अफरा-तफरी मच गई। कहीं इमारतों में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश हुई तो कई आग में फंसे स्कूली बच्चों को बचाने के लिए राहत दल दौड़ पड़े। भूस्खलन से रास्ता बंद होने पर मलबा और पेड़ हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। यह नजारा शनिवार को भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील पुरोला में आयोजित आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल का था जहां प्रशासन ने वास्तविक आपदा जैसी स्थिति बनाकर तैयारियों को परखा।
अभ्यास के दौरान सुबह 9:30 बजे 6.0 तीव्रता के भूकंप का परिदृश्य तैयार किया गया। इसका केंद्र कुरूड़ा और ढकाड़ा क्षेत्र में जमीन से चार किलोमीटर नीचे दर्शाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य विभागों की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। राजकीय महाविद्यालय में दो कक्षों के क्षतिग्रस्त होने और 15 लोगों के घायल होने का दृश्य बनाया गया।
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बचाव दलों ने घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय की रसोई में आग लगने और 20 छात्र-छात्राओं के फंसने की स्थिति बनाई गई। इनमें दो छात्रों के हाथ झुलसने का भी अभ्यास कराया गया। सभी को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ विद्यालय मार्ग पर भूस्खलन से गिरे पेड़ को हटाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई की गई।
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मॉक ड्रिल प्रभारी एवं एसडीएम मुकेश रमोला ने बताया कि अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा के समय त्वरित राहत, बचाव और विभागों के बीच बेहतर समन्वय करना है। इस दौरान तहसीलदार कमल सिंह राठौर सहित कई मौजूद रहे।