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वेस्ट यूपी का मौसम: मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर की हवा फिर जहरीली, खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई
Mon, 02 Nov 2026 10:31 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 02 Nov 2026 10:31 AM IST
सार
Meerut News: मेरठ समेत आसपास के कई शहरों की हवा रेड जोन में आ गई है। यदि प्रदूषण का स्तर इसी तरह बना रहा तो दिवाली तक लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सांस और दमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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वायु प्रदूषण
- फोटो : Amarujala.com/AI
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम में बदलाव के साथ ही हवा की गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। मेरठ, बागपत और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों की हवा 'रेड जोन' में आ गई है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) काफी बढ़ गया है। सोमवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार, बागपत का एक्यूआई 357, मेरठ का 327 और गाजियाबाद का 281 दर्ज किया गया। वहीं, मुजफ्फरनगर का एक्यूआई भी 256 पर पहुंच गया है, जो हवा की गुणवत्ता में आई गिरावट को दर्शाता है।
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प्रदूषण बढ़ने से लोगों को हो रही परेशानी
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अधिक महसूस हो रही है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से हानिकारक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से खुले में निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अधिक महसूस हो रही है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से हानिकारक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से खुले में निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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दीपावली तक राहत के आसार कम
मौसम में बदलाव, हवा की गति और वातावरण में प्रदूषक तत्वों के जमाव के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। दीपावली के नजदीक आने के साथ ही आतिशबाजी से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में, उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली तक एनसीआर के लोगों को साफ हवा मिलने की संभावना कम है। यदि प्रदूषण का स्तर इसी तरह बना रहा तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सांस और दमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम में बदलाव, हवा की गति और वातावरण में प्रदूषक तत्वों के जमाव के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। दीपावली के नजदीक आने के साथ ही आतिशबाजी से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में, उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली तक एनसीआर के लोगों को साफ हवा मिलने की संभावना कम है। यदि प्रदूषण का स्तर इसी तरह बना रहा तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सांस और दमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का वर्गीकरण
0-50: अच्छी
51-100: संतोषजनक
101-200: मध्यम
201-300: खराब
301-400: बहुत खराब (रेड जोन)
401-500: गंभीर
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