जीवांजलि: मेरठ में देवी चित्रलेखा देंगी सकारात्मक जीवन का संदेश, 30 अक्तूबर को होगा आध्यात्मिक सत्र
अमर उजाला की ओर से 30 अक्तूबर को मेरठ के सीसीएसयू सभागार में ‘जीवांजलि : विचारों से बदलाव तक’ आध्यात्मिक सत्र होगा। देवी चित्रलेखा भजनों और प्रवचनों से प्रेम, भक्ति और सकारात्मक सोच का संदेश देंगी।
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भक्ति की मधुर धुन, आध्यात्मिक विचारों की ऊर्जा और संस्कारों की सीख से मेरठ में 30 अक्तूबर की शाम खास होने जा रही है। अमर उजाला की ओर से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभागार में ‘जीवांजलि : विचारों से बदलाव तक’ आध्यात्मिक सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा भजनों और प्रवचनों के माध्यम से प्रेम, भक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश देंगी। अमर उजाला और नीरज मित्तल पायल फर्नीचर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रवेश केवल आमंत्रण पत्र के माध्यम से होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक विचारों से जोड़ने के साथ ही सकारात्मक सोच, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों के महत्व से परिचित कराना है। देवी चित्रलेखा प्रवचनों के माध्यम से लोगों को प्रेम, आत्मविश्वास, भक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
क्यूआर कोड और ई-पास के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होगी। ई-पास प्राप्त करने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड कर उसके इवेंट सेक्शन में जाकर पंजीकरण कराया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए 9650109595 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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कम उम्र में शुरू हुआ आध्यात्मिक सफर
देवी चित्रलेखा का जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के पलवल जिले के खंबी गांव में हुआ। महज चार वर्ष की उम्र में उन्होंने गिरधारी बाबा के मार्गदर्शन में गौड़ीय वैष्णव परंपरा की दीक्षा ली। सात वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रवचन दिया। इसके बाद से वह श्रीमद्भागवत कथा और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से लोगों तक भक्ति, संस्कार, पारिवारिक मूल्यों और सकारात्मक बदलाव का संदेश पहुंचा रही हैं।
ये बोले मुख्य आयोजक...
- पायल फर्नीचर नीरज मित्तल ने कहा कि भागदौड़ की जिंदगी में आज हर कोई तनाव से जूझ रहा है। ऐसे में देवी चित्रलेखा जीवन जीने का सही मार्ग दिखा रही हैं।
- एपेक्स ग्रुप से अतुल गुप्ता ने कहा कि देवी चित्रलेखा भजनों और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से लोगों जीवन को सरल बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
- जिला क्रीडा भारती से अश्वनी गुप्ता ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन जीवन को श्रेष्ठ बनाने के लिए जरूरी हैं। इसलिए इस विशेष कार्यक्रम का लाभ सभी उठाएं।
- मीरा ज्वैल हाउस से अर्चित सिंघल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को भी जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही दिशा दिखाते हैं।
ये हैं कार्यक्रम में सहयोगी...
पायल फर्नीचर, विवेक रिसॉर्ट बाफर, अमित गर्ग मूर्ति, मायरा फाउंडेशन, रामचंद्र सहाय आनंद स्वरूप, राधा गोविंद बैंक्वेट, मीरा ज्वैल हाउस, रायल 9 होटल, शारदा टीवीएस, ऋषभ एकेडमी, पराग, एपैक्स ग्रुप, अजंता पेट्रोल पंप, गोयल हैरिटेज, स्कोटैक, पैरा स्पोर्टस क्रीडा भारती और विद्या यूनिवर्सिटी हैं।