मौसम: हिमाचल प्रदेश के इन जिलों में बारिश के साथ गिर सकते हैं ओले, 15 अक्तूबर को कई जगह बदलेगा वेदर; जानें
हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्तूबर को कई स्थानों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है। कांगड़ा, कुल्लू, चंबा और मंडी समेत कई जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्तूबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 18 और 19 अक्तूबर को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 13 अक्तूबर को दोपहर एक बजे जारी दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, 14 और 15 अक्तूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 16 और 17 अक्तूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्तूबर को प्रदेश के मैदानी, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचे पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। 14 अक्तूबर को भी कई क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है।
जिलावार चेतावनी के अनुसार, 14 अक्तूबर को चंबा और कांगड़ा में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना है। कुल्लू में भी ऐसी स्थिति बन सकती है। मंडी में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
15 अक्तूबर को ऊना और बिलासपुर में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है। हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भी कुछ स्थानों पर मौसम खराब हो सकता है। सोलन और सिरमौर में भी आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 17 अक्तूबर के बीच प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा तथा कुल्लू और मंडी के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के बदलाव का असर देखने को मिल सकता है।
तापमान में पहले बढ़ोतरी, फिर गिरावट का अनुमान
मौसम बुलेटिन के अनुसार, अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। अधिकतम तापमान भी अगले दो से तीन दिनों में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। किन्नौर के निचार में 6.5 मिलीमीटर और शिमला जिले के सराहन में 3.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कल्पा में बारिश की मात्रा बहुत कम रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी है। बुलेटिन के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में दृश्यता कम हो सकती है और फिसलन भरी सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों और फलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने सुरक्षित स्थान पर शरण लेने, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, उड़ते मलबे से सावधान रहने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है। किसानों को ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उपलब्ध बचाव उपाय अपनाने चाहिए।