हिंदी दिवस की पूर्वसंध्या पर टाउनहॉल स्थित ऐतिहासिक अल्फ्रेड प्रेक्षागृह में राग और रंग के उत्सव काशिका का शुभारंभ हुआ।
काशिका: जेन जी ने देखी राम की शक्तिपूजा, गूंजे जयकारे, राग और रंग का उत्सव; नृत्य-नाटिका की तस्वीरें
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Mon, 14 Sep 2026 09:44 AM IST
सार
टाउनहॉल के अल्फ्रेड प्रेक्षागृह में राग और रंग के उत्सव ‘काशिका’ का शुभारंभ हुआ। वक्ताओं ने कहा कि मानस की चौपाई संगीत को जीवन का रसायन बताती है। काशी तुलसी, कबीर और रैदास की त्रिवेणी है। कार्यक्रम में महंत, महापौर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त समेत अन्य लोग मौजूद रहे। उत्सव में संगीत और संस्कृति की झलक दिखी।
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