चावल हमारे दैनिक आहार का अहम हिस्सा है। दाल-चावल हो, राजमा-चावल या कढ़ी-चावल, बहुत से लोगों का खाना इसके बिना अधूरा रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा सफेद चावल खाना आपकी सेहत पर कई तरह से असर डाल सकता है? इससे सिर्फ ब्लड शुगर से ही नहीं, बल्कि वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी कुछ समस्याओं का भी खतरा हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि चावल खाना बंद कर देना चाहिए।
हेल्थ अलर्ट: क्या रोज ज्यादा चावल खाना आपकी डाइट को बना रहा है असंतुलित? जान लीजिए इसके खतरे
चावल भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है, लेकिन ज्यादा चावल खाने से संबंध टाइप-2 डायबिटीज का खतरा देखा जाता रहा है। चावल में हाई कैलोरी होती है, आइए जानते हैं कि ज्यादा चावल खाने से क्या होता है?
टाइप-2 डायबिटीज का खतरा
सफेद चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इसे खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है। सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स आमतौर पर ब्राउन राइस से ज्यादा होता है।
- बीएमजे में प्रकाशित 2012 के एक मेटा-विश्लेषण में सात अध्ययनों के आंकड़ों के आधार पर देखा गया कि ज्यादा सफेद चावल खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा हो सकता है। एशियाई आबादी में यह लिंक ज्यादा मजबूत था। हालांकि, इससे केवल चावल खाने से डायबिटीज नहीं होता है पर जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है उन्हें ज्यादा चावल खाने से बचना चाहिए।
वजन बढ़ने की आशंका
चावल में कार्बोहाइड्रेट होता है और इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा चावल खाते हैं और दिनभर में शारीरिक मेहनत से ज्यादा कैलोरी नहीं बर्न कर पा रहे हैं, तो इससे धीरे-धीरे वजन बढ़ सकता है।
- अगर आप रोटी या दूसरी चीजों के साथ ज्यादा मात्रा में चावल खाते हैं और शारीरिक गतिविधि कम करते हैं, तो कैलोरी की कुल मात्रा बढ़ सकती है। ध्यान रखें कि वजन बढ़ने की वजह सिर्फ चावल नहीं, बल्कि पूरे दिन का खानपान और गतिविधि का स्तर है।
दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी
अगर आपकी थाली में ज्यादातर जगह चावल ही रहता है, तो दाल, सब्जियां, फल और दूसरे साबुत अनाज खाने की मात्रा कम हो सकती है। इससे भोजन में फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों की विविधता घट सकती है।
- सफेद चावल में ब्राउन राइस की तुलना में फाइबर और कुछ पोषक तत्व कम होते हैं। इसलिए कभी-कभी सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या दूसरे साबुत अनाज लेना फायदेमंद हो सकता है।
चावल खाना छोड़ना जरूरी नहीं
चावल को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। अपनी भूख और स्वास्थ्य के अनुसार मात्रा रखें, थाली में सब्जियां और दाल शामिल करें और नियमित शारीरिक गतिविधि करें। अगर आपको डायबिटीज है, तो अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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