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ओबीसी आरक्षण का मुद्दा: नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल और सीएम को लिखा पत्र, नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

Sat, 17 Oct 2026 05:48 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 17 Oct 2026 05:48 PM IST
सार

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने नौवीं अनुसूची में आरक्षण संबंधी प्रावधान शामिल कराने की संभावनाएं तलाशने, अद्यतन आंकड़ों के आधार पर विधिक प्रस्ताव तैयार करने और समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की है।

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Issue of OBC reservation: Leader of the Opposition writes to the Governor and the CM, demands inclusion in the
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस संबंध में राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संवैधानिक और विधिक विकल्पों पर पहल करने की मांग की है। उन्होंने आरक्षण संबंधी प्रावधानों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर विचार करने और केंद्र सरकार के समक्ष आवश्यक प्रस्ताव रखने का आग्रह किया है। सिंघार ने पत्र में कहा कि प्रदेश में वर्ष 2019 में ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए विधिक प्रावधान किए गए थे। हालांकि, इस विषय में उच्च न्यायालय के संबंधित फैसलों और मौजूदा कानूनी स्थिति को देखते हुए आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
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आंकड़ों के आधार पर तैयार हो विधिक प्रस्ताव
नेता प्रतिपक्ष ने ओबीसी वर्ग की सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति के साथ सरकारी सेवाओं एवं अन्य क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व से जुड़े अद्यतन और विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर विधिक प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि उपलब्ध संवैधानिक प्रावधानों और कानूनी विकल्पों का गंभीरता से परीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
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सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की मांग
सिंघार ने राज्य शासन से अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करने, आवश्यक निर्णय लेने और पूरे मामले के निराकरण के लिए समयबद्ध पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक न्याय दिलाने के साथ शासन-प्रशासन में उसकी समुचित भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। पत्र में राज्यपाल और मुख्यमंत्री से इस विषय पर संवैधानिक मर्यादाओं तथा विधिक प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।

 
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